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डॉ. तीजन बाई प्रश्नोत्तरी: जीवन परिचय एवं उपलब्धियाँ (50 MCQs)

Dr. Teejan Bai GK Quiz – डॉ. तीजन बाई के जीवन और उपलब्धियों पर आधारित महत्वपूर्ण 50 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न दिए गए है। जो आपके आगामी छत्तीसगढ़ प्रतियोगी परीक्षाओं CGSSB (CGVYAPAM), CGPSC, TET आदि के लिए उपयोगी होंगे:-

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Teejan Bai Questions And Answers Quiz

Q. डॉ. तीजन बाई का जन्म किस तिथि को हुआ था?
[A] 15 अगस्त 1947
[B] 24 अप्रैल 1956
[C] 26 जनवरी 1950
[D] 2 अक्टूबर 1960

[B] 24 अप्रैल 1956 – डॉ. तीजन बाई का जन्म छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई में स्थित गनियारी गाँव में हुआ था।


Q. तीजन बाई किस समुदाय से संबंधित है?
[A] गोंड
[B] बैगा
[C] पारधी
[D] हलबा

[C] पारधी – वे पारधी समुदाय से है, जो मुख्य रूप से छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में निवास करते है और पारंपरिक रूप से काले पक्षियों का शिकार करते है।


Q. तीजन बाई के पिता का नाम क्या था?
[A] चुनुकलाल
[B] ब्रजलाल
[C] उमेद सिंह
[D] रामलाल

[A] चुनुकलाल – उनके पिता का नाम चुनुकलाल और माता का नाम सुखवती था।


Q. तीजन बाई ने पंडवानी का प्रारंभिक प्रशिक्षण किससे प्राप्त किया?
[A] उनके पिता से
[B] उनके नाना ब्रजलाल से
[C] हबीब तनवीर से
[D] झाड़ूराम देवांगन से

[B] उनके नाना ब्रजलाल से – बचपन में वे अपने नाना ब्रजलाल से महाभारत की कहानियाँ सुना करती थी, जिन्होंने उन्हें पंडवानी की ओर प्रेरित किया।


Q. डॉ. तीजन बाई के औपचारिक गुरु कौन थे?
[A] हबीब तनवीर
[B] उमेद सिंह देशमुख
[C] सबल सिंह चौहान
[D] ब्रजलाल

[B] उमेद सिंह देशमुख – नाना से प्रारंभिक ज्ञान लेने के बाद, उन्होंने पंडवानी का औपचारिक प्रशिक्षण उमेद सिंह देशमुख से प्राप्त किया।


Q. पंडवानी का शाब्दिक अर्थ क्या है?
[A] पांडवों की कथा
[B] पांडवों की वाणी
[C] कृष्ण की वाणी
[D] महाभारत का गान

[B] पांडवों की वाणी – पंडवानी का अर्थ ‘पांडवों की वाणी’ है, जिसमें महाभारत की कथा को स्थानीय लोक भाषा में गायन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है।


Q. पंडवानी में मुख्य नायक के रूप में किसे केंद्र में रखा जाता है?
[A] अर्जुन
[B] कृष्ण
[C] भीम
[D] युधिष्ठिर

[C] भीम – पंडवानी में मुख्य रूप से भीम के परिप्रेक्ष्य और उनकी दृष्टि से महाभारत की घटनाओं का गायन किया जाता है।


Q. तीजन बाई ने किस उम्र में अपना पहला सार्वजनिक मंच प्रदर्शन किया था?
[A] 10 वर्ष
[B] 13 वर्ष
[C] 18 वर्ष
[D] 21 वर्ष

[B] 13 वर्ष – उन्होंने महज़ 13 साल की उम्र में अपने पड़ोसी गाँव चंद्रखुरी में पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रस्तुति दी थी।


Q. तीजन बाई को उनकी पहली प्रस्तुति के लिए ग्रामीणों ने पुरस्कार स्वरूप क्या दिया था?
[A] स्वर्ण मुद्राएं
[B] एक बोरा धान
[C] एक तंबूरा
[D] नए वस्त्र

[B] एक बोरा धान – पहली प्रस्तुति से खुश होकर ग्रामीणों ने उन्हें एक बोरा धान दिया, जिसे बेचकर उन्होंने अपने घर की छत बनवाई थी।


Q. पंडवानी गायन की कितनी मुख्य शैलियाँ है?
[A] एक
[B] दो
[C] तीन
[D] चार

[B] दो – पंडवानी की दो शैलियाँ है: वेदमती और कापालिक।


Q. वेदमती शैली में पंडवानी का प्रदर्शन कैसे किया जाता है?
[A] खड़े होकर और नाचकर
[B] बैठकर और चेहरे के भावों के माध्यम से
[C] केवल वाद्य यंत्र बजाकर
[D] समूह में घूमकर

[B] बैठकर और चेहरे के भावों के माध्यम से – इस शैली में कलाकार एक स्थान पर बैठकर चेहरे के एक्सप्रेशन (Face expression) के साथ कथा सुनाता है।


Q. कापालिक शैली की मुख्य विशेषता क्या है?
[A] कलाकार मौन रहता है
[B] कलाकार खड़े होकर और घूम-घूमकर प्रस्तुति देता है
[C] केवल महिलाओं द्वारा गाया जाता है
[D] इसमें तंबूरे का प्रयोग नहीं होता

[B] कलाकार खड़े होकर और घूम-घूमकर प्रस्तुति देता है – कापालिक शैली में रागी (कलाकार) खड़े होकर, घूमकर और ‘हुंकार’ भरकर अभिनय के साथ प्रस्तुति देता है।


Q. कापालिक शैली में पंडवानी गाने वाली पहली महिला कलाकार कौन है?
[A] ऋतु वर्मा
[B] तीजन बाई
[C] शांति बाई चेल्लक
[D] प्रभा यादव

[B] तीजन बाई – पारंपरिक रूप से कापालिक शैली केवल पुरुषों द्वारा अपनाई जाती थी, लेकिन तीजन बाई इसे अपनाने वाली पहली महिला बनीं।


Q. तीजन बाई का प्रमुख वाद्य यंत्र कौन सा है?
[A] सारंगी
[B] तंबूरा
[C] वीणा
[D] सितार

[B] तंबूरा – तीजन बाई के हाथ में हमेशा एक तंबूरा रहता है, जिसे वे प्रदर्शन के दौरान एक बहुमुखी उपकरण की तरह उपयोग करती है।


Q. तीजन बाई प्रदर्शन के दौरान अपने तंबूरे का उपयोग किस रूप में करती है?
[A] भीम की गदा के रूप में
[B] अर्जुन के धनुष के रूप में
[C] द्रौपदी के बालों के रूप में
[D] उपरोक्त सभी

[D] उपरोक्त सभी – वे तंबूरे को कभी गदा, कभी धनुष, कभी रथ और कभी पात्रों के अंगों के प्रतीक के रूप में उपयोग कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं।


Q. पंडवानी किस लेखक की रचना ‘छत्तीसगढ़ी महाभारत’ पर आधारित है?
[A] तुलसीदास
[B] सबल सिंह चौहान
[C] रेवाराम बाबू
[D] हबीब तनवीर

[B] सबल सिंह चौहान – पंडवानी का आधार सबल सिंह चौहान की रचना है, जो पद्य शैली में चौपाई और दोहों के माध्यम से लिखी गई है।


Q. ‘पंडवानी का पितामह’ किसे कहा जाता है?
[A] उमेद सिंह देशमुख
[B] झाड़ूराम देवांगन
[C] हबीब तनवीर
[D] ब्रजलाल

[B] झाड़ूराम देवांगन – झाड़ूराम देवांगन को वेदमती शैली के सर्वश्रेष्ठ कलाकार के रूप में ‘पंडवानी का पितामह’ माना जाता है।


Q. तीजन बाई को वैश्विक मंच तक पहुँचाने में किस प्रसिद्ध रंगकर्मी का बड़ा हाथ था?
[A] सत्यदेव दुबे
[B] हबीब तनवीर
[C] इब्राहिम अल्काज़ी
[D] बी.वी. कारंत

[B] हबीब तनवीर – हबीब तनवीर ने तीजन बाई की कला को पहचाना और उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय मंचों तक पहुँचाने में सहयोग किया।


Q. तीजन बाई ने अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय प्रस्तुति कहाँ दी थी?
[A] लंदन (इंग्लैंड)
[B] पेरिस (फ्रांस)
[C] मॉस्को (रूस)
[D] टोक्यो (जापान)

[B] पेरिस (फ्रांस) – उन्होंने पेरिस में आयोजित ‘भारत महोत्सव’ के दौरान अपनी पहली अंतर्राष्ट्रीय प्रस्तुति दी थी।


Q. तीजन बाई को पद्मश्री पुरस्कार से किस वर्ष सम्मानित किया गया?
[A] 1980
[B] 1988
[C] 1995
[D] 2003

[B] 1988 – भारत सरकार ने उनकी कला के सम्मान में 1988 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा था।


Q. तीजन बाई को संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार कब प्राप्त हुआ?
[A] 1988
[B] 1995
[C] 2003
[D] 2019

[B] 1995 – उन्हें 1995 में प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी अवार्ड मिला।


Q. उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार किस वर्ष मिला?
[A] 1995
[B] 2003
[C] 2018
[D] 2019

[B] 2003 – तीजन बाई को वर्ष 2003 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।


Q. तीजन बाई को भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म विभूषण’ से कब सम्मानित किया गया?
[A] 2003
[B] 2012
[C] 2018
[D] 2019

[D] 2019 – वे छत्तीसगढ़ की एकमात्र ऐसी व्यक्तित्व हैं जिन्हें तीनों पद्म पुरस्कार मिले हैं, और 2019 में उन्हें पद्म विभूषण मिला।


Q. तीजन बाई को पहली बार मानद डी.लिट (D.Litt) की उपाधि किस विश्वविद्यालय से मिली?
[A] रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय
[B] बिलासपुर विश्वविद्यालय
[C] इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय
[D] दिल्ली विश्वविद्यालय

[B] बिलासपुर विश्वविद्यालय – वर्ष 2003 में बिलासपुर विश्वविद्यालय ने उन्हें मानद डी.लिट की उपाधि प्रदान की, जिसके बाद उनके नाम के आगे ‘डॉक्टर’ जुड़ा।


Q. तीजन बाई ने किस प्रसिद्ध दूरदर्शन धारावाहिक में महाभारत प्रसंग की प्रस्तुति दी थी?
[A] रामायण
[B] महाभारत
[C] भारत एक खोज
[D] चंद्रकांता

[C] भारत एक खोज – उन्होंने प्रसिद्ध धारावाहिक ‘भारत एक खोज’ में महाभारत के प्रसंगों का प्रभावशाली मंचन किया था।


Q. तीजन बाई को किस देश से ‘फुकुओका पुरस्कार’ (Fukuoka Prize) मिला?
[A] चीन
[B] दक्षिण कोरिया
[C] जापान
[D] थाईलैंड

[C] जापान – वर्ष 2018 में जापान सरकार द्वारा उन्हें प्रतिष्ठित फुकुओका पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


Q. तीजन बाई का निधन किस तिथि को हुआ?
[A] 24 अप्रैल 2026
[B] 5 जुलाई 2026
[C] 15 अगस्त 2025
[D] 1 जनवरी 2026

[B] 5 जुलाई 2026 – विश्वविख्यात पंडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई का निधन 5 जुलाई 2026 को हुआ।


Q. तीजन बाई के संघर्ष के दिनों में समाज ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया?
[A] बहुत सम्मान दिया
[B] सामाजिक बहिष्कार किया
[C] धन से सहायता की
[D] विदेशों में भेजा

[B] सामाजिक बहिष्कार किया – उस दौर में महिलाओं का मंच पर पंडवानी गाना स्वीकार्य नहीं था, जिसके कारण उन्हें समाज और उनके पति के विरोध का सामना करना पड़ा।


Q. पंडवानी गायन में तंबूरे के अलावा और कौन से वाद्य यंत्रों का प्रयोग होता है?
[A] केवल तंबूरा
[B] हारमोनियम, ढोलक और मंजीरा
[C] सितार और तबला
[D] बांसुरी और शहनाई

[B] हारमोनियम, ढोलक और मंजीरा – गायन के दौरान तंबूरे के साथ लय देने के लिए हारमोनियम, ढोलक और मंजीरा का उपयोग किया जाता है।


Q. छत्तीसगढ़ सरकार ने तीजन बाई के जन्म स्थान गनियारी को किस रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है?
[A] औद्योगिक क्षेत्र
[B] कलाग्राम
[C] स्मार्ट सिटी
[D] पर्यटन केंद्र

[B] कलाग्राम – उनकी विरासत को संजोने के लिए गनियारी गाँव को ‘कलाग्राम’ के रूप में विकसित किया जाएगा।


Q. तीजन बाई का प्रिय तंबूरा कहाँ संरक्षित और प्रदर्शित किया जाएगा?
[A] उनके घर में
[B] महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर
[C] संगीत नाटक अकादमी, दिल्ली
[D] बिलासपुर विश्वविद्यालय

[B] महंत घासीदास संग्रहालय, रायपुर – प्रदेश सरकार ने उनके तंबूरे को रायपुर के महंत घासीदास संग्रहालय में रखने का निर्णय लिया है।


Q. छत्तीसगढ़ सरकार ने पंडवानी के क्षेत्र में किस नए राज्य सम्मान की घोषणा की है?
[A] छत्तीसगढ़ रत्न
[B] डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान
[C] पांडव सम्मान
[D] लोक कला रत्न

[B] डॉ. तीजन बाई राज्य सम्मान – पंडवानी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को अब डॉ. तीजन बाई के नाम से राज्य सम्मान दिया जाएगा।


Q. तीजन बाई ने लगभग कितने देशों में अपनी कला का प्रदर्शन किया?
[A] 5 से अधिक
[B] 10 से अधिक
[C] 13 से अधिक
[D] 20 से अधिक

[C] 13 से अधिक – उन्होंने इंग्लैंड, फ्रांस, स्विट्जरलैंड, रूस, जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसे 13 से अधिक देशों में पंडवानी की प्रस्तुति दी।


Q. “जो बैठ जाता है उसकी तकदीर भी बैठ जाती है…” यह प्रसिद्ध कथन किसका है?
[A] झाड़ूराम देवांगन
[B] डॉ. तीजन बाई
[C] हबीब तनवीर
[D] उमेद सिंह देशमुख

[B] डॉ. तीजन बाई – यह तीजन बाई का प्रेरणादायक विचार है, जो संघर्ष के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।


Q. फ्रांस से तीजन बाई के लिए जो पत्र आया था, उस पर क्या पता (Address) लिखा था?
[A] गनियारी, भिलाई, छत्तीसगढ़
[B] तीजन बाई, भारत
[C] संगीत नाटक अकादमी, दिल्ली
[D] छत्तीसगढ़ लोक कला केंद्र

[B] तीजन बाई, भारत – वे इतनी प्रसिद्ध थीं कि फ्रांस से आया पत्र केवल ‘तीजन बाई, भारत’ के नाम से उन तक पहुँच गया था।


Q. तीजन बाई को किस वर्ष पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से मानद डी.लिट मिली?
[A] 2003
[B] 2006
[C] 2010
[D] 2018

[B] 2006 – उन्हें बिलासपुर विश्वविद्यालय (2003) के बाद 2006 में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय से यह सम्मान मिला।


Q. पंडवानी मुख्य रूप से किन राज्यों में प्रचलित है?
[A] केवल छत्तीसगढ़
[B] छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और उड़ीसा
[C] छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र
[D] पूरे उत्तर भारत में

[B] छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और उड़ीसा – यह कला छत्तीसगढ़ के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी लोकप्रिय है।


Q. तीजन बाई किस वर्ष भारत की ‘सांस्कृतिक राजदूत’ के रूप में विदेशों की यात्रा पर गईं?
[A] 1970 के दशक में
[B] 1980 के दशक में
[C] 1990 के दशक में
[D] 2000 के बाद

[B] 1980 के दशक में – 1980 के दशक में उन्होंने सांस्कृतिक राजदूत के रूप में कई यूरोपीय देशों की यात्रा की।


Q. पंडवानी गायक को तकनीकी रूप से क्या कहा जाता है?
[A] गायक
[B] रागी
[C] कथावाचक
[D] सुतधार

[B] रागी – पंडवानी का गायन और प्रस्तुति देने वाले मुख्य कलाकार को ‘रागी’ कहा जाता है।


Q. तीजन बाई की पंडवानी शैली में ‘हुंकार’ भरने का क्या अर्थ है?
[A] जोर से रोना
[B] दर्शकों को डराना
[C] जोश और उत्साह के साथ स्वर निकालना
[D] गीत को समाप्त करना

[C] जोश और उत्साह के साथ स्वर निकालना – कापालिक शैली में कलाकार वीरता और जोश दिखाने के लिए बीच-बीच में हुंकार भरता है।


Q. तीजन बाई के अनुसार, उनके जीवन को किस मुलाकात ने पूरी तरह बदल दिया?
[A] अपने पति से मिलना
[B] हबीब तनवीर से मिलना
[C] ग्रामीणों से मिलना
[D] विदेशी पर्यटकों से मिलना

[B] हबीब तनवीर से मिलना – हबीब तनवीर द्वारा उनकी पंडवानी सुनने के बाद उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बड़े अवसर मिले।


Q. तीजन बाई की कला में किस रस की प्रधानता सबसे अधिक दिखाई देती है?
[A] श्रृंगार रस
[B] वीर रस
[C] शांत रस
[D] हास्य रस

[B] वीर रस – चूँकि पंडवानी महाभारत और भीम के पराक्रम पर आधारित है, इसलिए इसमें वीर रस और जोश की प्रधानता होती है।


Q. तीजन बाई ने समाज के विरोध के बावजूद पंडवानी क्यों नहीं छोड़ी?
[A] धन कमाने के लिए
[B] कला के प्रति सच्चे समर्पण और अभ्यास के कारण
[C] प्रसिद्ध होने के लालच में
[D] परिवार के दबाव में

[B] कला के प्रति सच्चे समर्पण और अभ्यास के कारण – उनकी कला के प्रति अटूट निष्ठा ने उन्हें शून्य से शिखर तक पहुँचाया।


Q. तीजन बाई ने अपनी कला का प्रदर्शन किस तत्कालीन प्रधानमंत्री के समक्ष किया था?
[A] जवाहरलाल नेहरू
[B] इंदिरा गांधी
[C] अटल बिहारी वाजपेयी
[D] नरेंद्र मोदी

[B] इंदिरा गांधी – उन्होंने हबीब तनवीर के सहयोग से तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने अपनी कला का प्रदर्शन किया था।


Q. तीजन बाई की ख्याति का मुख्य कारण क्या है?
[A] उनकी वेशभूषा
[B] उनकी बुलंद आवाज़ और विशिष्ट गायन शैली
[C] उनका फिल्मी करियर
[D] उनकी राजनीतिक सक्रियता

[B] उनकी बुलंद आवाज़ और विशिष्ट गायन शैली – उनकी आवाज़ और तंबूरे के साथ उनके अभिनय ने पंडवानी को एक नई पहचान दी।


Q. तीजन बाई अपने प्रशंसकों और गाँव के लोगों के साथ कैसा व्यवहार करती थी?
[A] वे बहुत गर्वित महसूस करती थीं
[B] वे हमेशा सादगी से और समान रूप से मिलती थीं
[C] वे किसी से नहीं मिलती थीं
[D] वे केवल विशिष्ट लोगों से मिलती थीं

[B] वे हमेशा सादगी से और समान रूप से मिलती थी – वे स्वयं को ‘गाँव की औरत’ कहती थी और बच्चों-बूढ़ों के बीच बैठना पसंद करती थी।


Q. कापालिक शैली में ‘अभिनय’ का क्या महत्व है?
[A] कोई महत्व नहीं है
[B] यह कथा को सजीव और प्रभावशाली बनाता है
[C] यह केवल समय बिताने के लिए है
[D] यह दर्शकों को भ्रमित करता है

[B] यह कथा को सजीव और प्रभावशाली बनाता है – अभिनय के माध्यम से कलाकार युद्ध, क्रोध और दुःख की संवेदनाओं को दर्शकों तक पहुँचाता है।


Q. तीजन बाई किस क्षेत्र में ‘भारत की सांस्कृतिक राजदूत’ बनी?
[A] खेल
[B] लोक कला (पंडवानी)
[C] राजनीति
[D] विज्ञान

[B] लोक कला (पंडवानी) – उन्होंने विश्व स्तर पर भारत की लोक संस्कृति और पंडवानी का प्रतिनिधित्व किया।


Q. डॉ. तीजन बाई के बारे में कौन सा तथ्य सत्य है?
[A] वे छत्तीसगढ़ की पहली महिला पंडवानी गायिका थीं
[B] उन्होंने केवल छत्तीसगढ़ी भाषा में गाया
[C] वे पद्म पुरस्कारों की तीनों श्रेणियां पाने वाली छत्तीसगढ़ की एकमात्र व्यक्तित्व हैं
[D] उनका जन्म रायपुर में हुआ था

[C] वे पद्म पुरस्कारों की तीनों श्रेणियां पाने वाली छत्तीसगढ़ की एकमात्र व्यक्तित्व है – उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण तीनों मिल चुके है।


Q. तीजन बाई की सफलता का मूल मंत्र क्या था?
[A] भाग्य
[B] निरंतर अभ्यास और संघर्ष करने की क्षमता
[C] पारिवारिक संपत्ति
[D] सरकारी सहायता

[B] निरंतर अभ्यास और संघर्ष करने की क्षमता – उनके निरंतर अभ्यास और बैठने के बजाय ‘चलते रहने’ (संघर्ष करने) की सोच ने उन्हें सफल बनाया।


डॉ. तीजन बाई (Biography)- पंडवानी लोक गायिका का जीवन परिचय

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