🎯 संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) के प्रमुख अंग, मुख्यालय...                         🎯 पद्म पुरस्कार 2026 (पद्मविभूषण, पद्म भूषण, पद्मश्री)...                         🎯 कंप्यूटर सामान्य ज्ञान प्रश्न ...                         🎯 Indian History...                         🎯 Indian Constitut...                         🎯 जीव विज्ञान सामान्य ज्ञान...                         🌟 अपनी GK Subject ढूंढने 🔍SEARCH🔍 का उपयोग करें 🌟

हिंदी वर्णमाला, स्वर, व्यंजन एवं भेद

प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रारंभिक स्कूल शिक्षा (कक्षा 5 से 10) में पूछे जाने वाले सामान्य हिंदी व्याकरण (वर्णमाला, स्वर, व्यंजन एवं उनके भेद) की सामान्य ज्ञान (हिंदी वर्णमाला अक्षर एवं परिभाषा, उदाहरण) के बारे में सम्पूर्ण जानकारी (Hindi Varnamala with Vowels and Consonants Notes) दी गई है।

hindi varnamala, hindi vowels and consonants, hindi varnamala notes
Hindi Varnamala Notes about Vowels and Consonants

प्रारंभिक स्कूल शिक्षा में कक्षा 5 से 10 तक के हिंदी वर्णमाला, अक्षरों, स्वरों, व्यंजनों और उनके भेद (Hindi Vowels and Consonants) के बारे में सामान्य ज्ञान नीचे दी गई है।

हिंदी व्याकरण के वर्णमाला, स्वर, व्यंजन क्रम इस प्रकार है –

वर्ण (ध्वनि) उच्चारण के आधार पर भाषा की सबसे छोटी इकाई है, जबकि वर्ण लेखन के आधार पर भाषा की सबसे छोटी इकाई है।

वर्ण के खण्ड नहीं किये जा सकते और वर्णो के मेल से अक्षर बनते है, अतः राम शब्द में दो अक्षर राम – रा, म है और इसमें चार वर्ण है – र् + आ + म् + अ

नोट – वर्णो के व्यवस्थित समूहों को वर्णमाला कहते है, उच्चारण के आधार पर वर्णमाला में 45 वर्ण होते है, जिसमें से 10 स्वर और 35 व्यंजन होते है। कहीं-कहीं पर 11 स्वर भी मिलते हैं।

लेखन के आधार पर वर्णमाला में 52 वर्ण होते है, जिसमें से 13 स्वर, 35 व्यंजन व 4 संयुक्त व्यंजन होते है।

हिन्दी व्याकरण में वर्णमाला के प्रकार को 2 भागों में बांटा गया है-

हिंदी वर्णमाला में स्वरों की संख्या 11 है, उदा. – अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ, अं, अः

मात्रा या उच्चारण (समय) के आधार पर स्वर के 3 भेद/ प्रकार होते है।

1) हास्व स्वर – जिन स्वरों के उच्चारण में बहुत समय अर्थात् एक मात्रा का समय लगता है।
उदा. – अ, इ, उ

2) दीर्घ स्वर – इनके उच्चारण में हास्य स्वर  से दुगुना अर्थात् 02 मात्रा का समय लगता है।
उदा. – आ, ई, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ

3) प्लुत स्वर – जिनके उच्चारण में दीर्घ स्वर से अधिक समय लगता है अर्थात् 03 मात्राओं का समय लगता है। इसलिए इसे त्रिमासिक स्वर भी कहते है, इसे तीन ‘‘3‘‘ के रूप में लखते हैं।
उदा. – ओउम्

जीभ के उपयोग के आधार पर स्वर के 3 भेद/ प्रकार होते हैं।

1) अग्र स्वर – इसके उच्चारण में जीभ का अगला भाग कार्य करता है।
उदा. – इ, ई, ए, ऐ

2) मध्य स्वर – जिनके उच्चारण में जीभ का मध्य वाला भाग कार्य करता है।
उदा.  अ

3) पश्च स्वर – जिनके उच्चारण में जीभ का पिछला भाग कार्य करता है।
उदा. – आ, उ, ऊ, ओ, औ

मुख खुलने के आधार पर स्वर के 4 भेद/ प्रकार होते हैं।

1) व्रिवृत – जिनके उच्चारण में मुख पूरा खुलता है।
उदा. – आ

2) अर्द्ध व्रिवृत – जिनके उच्चारण में मुख आधा खुलता है।
उदा. – अ, ऐ, औ

3) संवृत – जिनके उच्चारण में मुख द्वार लगभग बंद रहता है।

4) अर्द्ध संवृत – जिनके उच्चारण में मुख द्वारा लगभग आधा बंद रहता है।
उदा. ए , ओ

होठों के आधार पर स्वर के 2 भेद/ प्रकार होते हैं।

1) अवृतमुखी– जिनके उच्चारण में होठ गोलाकार नहीं होते है।
उदा. अ, आ, इ, ई, ए, ऐ

2) वृतमुखी– जिनके उच्चारण में होठ या मुख गोलाकार हो जाता है।
उदा. उ, ऊ, ओ, औ

नाक व मुख से हवा निकलने के आधार पर स्वर के 2 भेद/ प्रकार होते हैं:-

1) निरनुनासिक – जिनके उच्चारण में हवा केवल मुख से निकलती है, नाक से नहीं।
उदा. आ, इ, उ

2) अनुनासिक – जिनके उच्चारण में हवा मुख के साथ-साथ नाक से भी निकलती है।
उदा. अं, ँ वाले वर्ण

हिंदी वर्णमाला में व्यंजनों की संख्या 33 है, जिसमें व्यंजन के 3 प्रकार/भेद होते है:-

उदा. – ‘क’ वर्ग, ‘च’ वर्ग, ‘त’ वर्ग इत्यादि।

उदा. – क, ख, ग, घ, ड़ (क वर्ग)
स्वर – अ, आ

उदा. – च, छ, ज, झ, ञ (च वर्ग)
स्वर – इ, ई, य, श

उदा. – ट, ठ, ड, ठ, ण (ट वर्ग)
स्वर – ऋ, र, ष (लगभग)

उदा. – प, फ, ब, भ, म (प वर्ग)
नोट – वर्गीय व्यंजनों को स्पर्श संघर्षी भी कहते है।

उदा. – य, र, ल, व
नोट – ‘य’ तथा ‘र’ को अर्थ स्वर भी कहते है।

उदा. – श, ष, स, ह
नोट – ‘र’ लुठित व्यंजन कहलाता है और ‘ल’ पाश्र्विक (इसके उच्चारण में वायु जीभ के पास से निकलती है)

संज्ञा एवं सर्वनाम क्या है? उनके प्रकार व भेद

Computer GkHindi GrammarEnglish Grammar

# hindi vowels and consonants

Gk Guru

Gk Guru

नमस्ते दोस्तों.! हमारा उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों का सहयोग करना है व अपने अर्जित अनुभवों तथा ज्ञान को वितरित करके आप लोगों की Help करना है।

9 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  1. साथ ही य , व को अर्द्ध स्वर कहा ज्याता है