जीएसटी कर की दरें (GST Tax Rate list in India) सम्पूर्ण विश्लेषण

जीएसटी (Goods and Services Tax) कर की दरें (GST Tax Rate list in India) सम्पूर्ण विश्लेषण सरल शब्दों में: GST (वस्तु एवं सेवा कर नियम) के भाग एवं GST (वस्तु एवं सेवा कर नियम) की दायरे –

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GST Tax Rate List in India | GST Tax Rate Slab in Hindi

वस्तु एवं सेवा कर या GST

  • 1) जी.एस.टी. में कर की दरें
  • 2) जी.एस.टी. के दयारे में एवं GST से बाहर की चीजें
  • 3) जी.एस.टी. के आम लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव

जीएसटी में कर की दरें (GST Tax Rate List In India)

जीएसटी दरें (GST Rate) को 5 भागों में विभाजित किया गया है-

  • 0% प्रतिशत,
  • 5% प्रतिशत,
  • 12% प्रतिशत,
  • 18% प्रतिशत तथा
  • 28% प्रतिशत

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की अधिकतम दर 28% प्रतिशत रखी गयी है लगभग 19% प्रतिशत वस्तुयें ऐसी है जिन पर 28% प्रतिशत की दर से जीएसटी (GST) लगेगा।

जीएसटी के बाद अधिकतर वस्तुये सस्ती हो जायेगी परंतु सेवायें महंगी हो जायेगी, लेकिन सेवा को लेकर भी एक निश्चित माहौल रहेगा। अभी हर साल इसमें होने वाली बढ़ोत्तरी नहीं होगी।

1) वस्तुयें व सेवायें जिन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा 0% प्रतिशत

वस्तुये : दैनिक जीवन की सभी वस्तुयें जैसे दूध, दही, फल, सब्जियों, आटा, ब्रेड, नमक, अखबार, मछली, चिकन, किताबें आदि सभी सामानों पर जीएसटी नहीं लगेगा।

सेवायें : रूपये 1000 से कम के होटल (GST on Hotel Bill) इत्यादि।

2) वस्तुयें व सेवायें जिन पर 5% प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा

वस्तुये : डब्बा बंद खाना, डब्बा बंद पनीर, काॅफी, चाय, मसाले, दवायें इत्यादि।

सेवायें : ट्रांसपोर्ट सेवायें व छोटे रेस्टोरेंट (Hotel GST Rate Slab)

3) वस्तुयें व सेवाएं जिन पर 12% प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा

वस्तुये : आयुर्वेदिक दवायें, डब्बा बंद मेवे, सिलाई मशीन, मोबाईल फोन इत्यादि।

सेवायें : बिना एसी के होटल, खाद, बिजनेस क्लास एयर टिकट्स इत्यादि।

4) वस्तुयें व सेवायें जिन पर 18% प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा

वस्तुये : कैमरा, स्पीकर, पेस्ट्रीज, केक, मिनरल वाटर, आइसक्रीम, नोट्स बुक इत्यादि।

सेवायें : एसी होटल, टेलीकाॅम सेवायं, आईटी सेवायें, ब्रांडेड कपड़े इत्यादि।

5) वस्तुएं व सेवायें जिन पर 28% प्रतिशत की दर से टैक्स लगेगा

वस्तुये : चाॅकलेट, पान मसाला, वाटर हीटर, वैक्यूम क्लीनर, सिलाई मशीन, वाशिंग मशीन, आॅटोमोबाईल आदि।

सेवायें : 5 स्टार होटल्स (Hotel Room GST Rate), सिनेमा, आदि।

जीएसटी के दायरें में आने वाले लोग (Realm of GST)

(1) 20 लाख रूपये या उससे कम वार्षिक कारोबार करने वाले लोग जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के दायरे में नहीं आयेंगे पूर्वोत्तर व विशेष दर्जा वाले राज्यों जैसे जम्मू कश्मीर, हिमालय प्रदेश में ये सीमा 10 लाख रूपये होगी।

ऐसे व्यापारी जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के लिये रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं ताकि उन्हें इनपुट टैक्स क्रेडिट (खरीदे गये सामान पर चुकाया कर) का फायदा मिल सकें।

(2) 20 लाख रूपये से ज्यादा लेकिन डेढ़ करोड़ रूपये से कम तक का सालाना कारोबार करने वाले 90 व्यापारी राज्य सरकार के नियंत्रण में आयेगे जबकि 10 प्रतिशत व्यापारी केन्द्र सरकार के नियंत्रण में आयेंगें।

(3) डेढ़ करोड़ रूपये से ज्यादा सालाना कारोबार करने वाले व्यापारी आधे राज्य सरकार के नियंत्रण में होंगे जबकि आधे केन्द्र सरकार के नियंत्रण में होंगे।

जीएसटी (Goods And Service Tax) के तहत उन सभी कारोबारियों उत्पादक, सेवा प्रदाता को रजिस्टर्ड होना पडेगा, जिनकी एक वर्ष में कुल बिक्री का मूल्य एक निश्चित मूल्य से ज्यादा होगा।

जीएसटी (Goods And Service Tax) से बाहर की चीजें

शराब पूरी तरह से जीएसटी (Goods And Service Tax) से बाहर होगी अर्थात् राज्य सरकारें पूर्व की भांति आबकारी लगाती रहेंगी।

पेट्रोल, रसोई, गैस, डीजल, अभी फिलहाल जीएसटी (GST) से बाहर है। शिक्षा और स्वास्थ्य सेवायें भी पूरी तरह जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) से बाहर है।

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) का आम लोगों पर प्रभाव

अप्रत्यक्ष करों (Indirect Tax) का भार अंतिम उपभोक्ता को ही भरना पड़ता है, लेकिन पूरे भारत में एक ही टैक्स लगाने से वस्तुओं की लागत में कमी आयेगी हालांकि सेवाओं की लागत बढ़ जायेगी।

GST (वस्तु एवं सेवा कर) लागू हो जाने के बाद केन्द्रीय सेल्स टैक्स (CST), जीएसटी (GST) में समाहित हो जायेगा जिससे वस्तुओं की कीमतों में कमी आयेगी।

वर्तमान स्थिति यह है कि हमें किसी भी सामान पर लगभग 30-35 प्रतिशत तक टैक्स देना पड़ता है। कुछ चीजों पर तो प्रत्यक्ष (Direct) या अप्रत्यक्ष (Indirect) तौर पर लगाया जाने वाला Tax 50% तक पहुंच जाता था।

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने के बाद टैक्स की दरें (GST Tax Rate) कम हो जायेगी तथा टैक्स का ढांचा सरल हो जायेगा।

देश के लोग वस्तुओं और सेवाओं पर 20 अलग-अलग तरह के कर (Tax) चुकाते हैं जबकि GST (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने के बाद सिर्फ एक ही तरह का टैक्स चुकाना होगा, हालांकि कुछ चीजें महंगी हो जायेगी पर उनकी कीमतें निश्चित (Fixed Rates) हो जायेंगी।

जीएसटी (Goods and Service Tax) लागू होने के बाद बहुत सारे केन्द्रीय (Central Taxes)राज्य कर (State Taxes) खत्म हो जायेंगे।

खत्म होने वाले केन्द्रीय कर (Central Tax):

1) केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty)

2) Duties of Excise (दवाओं या अन्य उत्पादों पर)

3) Additional Duties of Excise (विशेष महत्व वाले उत्पादों पर)

4) Additional Duties of Custom

5) सर्विस टैक्स

6) वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले उपकर (Cess) और अधिभार (Surcharge)

खत्म होने वाले राज्य कर (State Tax):

1) वैट (Value Added Tax)

2) सेंट्रल सेल्स टैक्स, Purchase Tax, लक्जरी टैक्स, Entry Tax

3) Entertainment टैक्स, विज्ञापनों पर लगने वाले टैक्स

4) लाटरी और जुओं पर लगने वाले टैक्स

5) वस्तु और सेवाओं पर लगने वाले उपकर (Cess) और अधिभार (Surcharge)

Packaged Foods पर अभी अधिकांश राज्यों में कोई कर (Tax) नहीं लगता और जहां लगता है वहां भी इसकी दर 4 से 6 प्रतिशत तक ही है लेकिन जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने के बाद आपको डिब्बा बंद खाने पर भी 18 प्रतिशत टैक्स देना होगा।

इसी तरह अभी ज्वैलरी पर 3 प्रतिशत टैक्स व रेडीमेड गारमेंट्स पर 4 से 5 प्रतिशत राज्य कर (State Tax) लगता है, लेकिन 18 प्रतिशत जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लगने के बाद गहने और कपड़े महंगे हो जायेंगे।

जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने के बाद छूट (Discount) भी महंगा हो जायेगा। अभी Discount के बाद बची बाकी की कीमत पर Tax लगता है लेकिन GST (जीएसटी) लागू होने के बाद MRP (Maximum Retail Price) पर टैक्स लगेगा।

इसके अतिरिक्त सभी प्रकार की सेवायें आज के मुकाबले महंगी हो जायेगी। अभी सेवाओं पर 15 प्रतिशत का टैक्स लगता है, जो बढ़कर 18% प्रतिशत हो जायेगा। आपको इन सेवाओं पर अभी के मुकाबले 3% प्रतिशत अधिक टैक्स देना पड़ेगा।

जीएसटी (GST) लागू होने के बाद घर और कार खरीदना काफी सस्ता हो जायेगा। छोटी कारों पर अभी 30% प्रतिशत GST लगने की वजह से छोटी कारें 45,000 रूपये तक सस्ती हो जायेगी।

अभी घर खरीदने पर आपको Service Tax और VAT (Value Added Tax) दोनों देने पड़ते हैं लेकिन जीएसटी लागू होने के बाद आपको सिर्फ एक तरह का टैक्स (Single Tax) देना होगा।

इसी प्रकार होटल, रेस्टोरेंट पर आपको अलग-अलग Tax नहीं चुकाने होंगे। घरेलू उपकरण जैसे AC, माइक्रोवेव ओवन, वाशिंग मशीन, टीवी आदि को खरीदते समस आपको 12.5% प्रतिशत Excise और 14.5% प्रतिशत VAT (वैट) देना पड़ता है लेकिन जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) के तहत सिर्फ 18% प्रतिशत टैक्स देने से आप ये सामान काफी कम दामों में खरीद पायेगें।

देशभर में मालढुलाई करीब 20% प्रतिशत तक सस्ती हो जायेगी जिससे महंगाई घट भी सकती है वर्तमान में व्यवसायों पर अलग-अलग प्रकार के लगभग 18 अप्रत्यक्ष करों (Indirect Taxes) का भुगतान करना पड़ता है।

जैसेवस्तुओं का उत्पादन करने पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty), सेल्स टैक्स, सर्विस टैक्स आदि विभिन्न प्रकार के कर कानूनों का पालन करना पड़ता है, जो बहुत ही जटिल प्रक्रिया है

लेकिन GST (वस्तु एवं सेवा कर) लागू होने के बाद ये सभी Tax खत्म हो जायेगें तथा एक ही प्रकार के अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax Rules) कानून का पालन करना पड़ेगा, जिससे व्यवसाय में सरलता आयेगी ।

एक देश, एक टैक्स (One Nation-One Tax) की नीति लागू हो जाने के बाद आपको किसी भी वस्तु व सेवा के लिये अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी, अर्थात् पूरे देश में सभी सामान, वस्तुयें व सेवायें एक ही दाम पर उपलब्ध होगी।

अतः कुल मिलाकर जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की मजबूत स्थिति के लिये मील का पत्थर साबित होगा।

एक देश-एक कर (One Nation –  One Tax)  =  GST (वस्तु एवं सेवा कर) 

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