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ऊष्मा, गर्मी और तापमान संबंधी प्रश्नोत्तरी

यहां प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सामान्य विज्ञान विषय के ऊष्मा, गर्मी और तापमान संबंधी प्रश्नोत्तरी (Heat and Temperature Question in Hindi Quiz) जैसे- ऊष्मा संचरण, ऊष्मा का मात्रक, संवहन, विशिष्ट ऊष्मा के बारे में प्रश्न और उत्तर (प्रश्नोत्तरी) दी गई है।

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Heat and Temperature Gk Question in Hindi Quiz

ऊष्मा, गर्मी और तापमान संबंधी पूछे जाने वाले प्रश्न और उत्तर (प्रश्नोत्तरी) – General Science Heat and Temperature Question in Hindi Quiz निम्नानुसार है:-

Q. गर्मी हस्तांतरण (Heat Transfer) की सबसे तेज प्रक्रिया कौन सी है?
[A] प्रवाहकत्त्व/संवाहन (Conduction)
[B] चालन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] आतपन (Isolation)

[C] विकिरण (Radiation)


Q. धातु की छड़ी के माध्यम से संचालित गर्मी की मात्रा सीधे किसके आनुपातिक कारक होगा ?
[A] गर्मी के प्रवाह का समय
[B] पार अनुभाग का क्षेत्रफल
[C] तापमान प्रवणता
[D] उपर्युक्त सभी

[D] उपर्युक्त सभी


Q. 1 ग्राम बर्फ 0 डिग्री सेल्सियस के साथ 1 ग्राम वाष्प के साथ मिलाया जाता है, तब 100 डिग्री सेल्सियस थर्मल संतुलन के बाद, मिश्रण का तापमान होगा –
[A] 0 डिग्री सेल्सियस
[B] 50 डिग्री सेल्सियस
[C] 80 डिग्री सेल्सियस
[D] 100 डिग्री सेल्सियस

[A] 0 डिग्री सेल्सियस


Q. एक आदर्श सुचालक का उष्मीय प्रतिरोध (Thermal Resistance) क्या होगा ?
[A] शून्य
[B] एक
[C] अनन्तता
[D] दस

[A] शून्य


Q. क्यों एक झील सर्दियों में भी अंदर स्थिर (जमा) नहीं होता, भले ही सतह जमे हुए हो, क्योकि ?
[A] पानी में काफी विशिष्ट गर्मी है
[B] बर्फ की चालकता कम है
[C] पानी में संलयन की बड़ी गुप्त गर्मी है
[D] झील के नीचे पृथ्वी का तापमान अधिक है


[B] बर्फ की चालकता कम है


Q. एक खाना पकाने का बर्तन काला है क्योंकि –
[A] काले पदार्थ अधिक गर्मी को अवशोषित करते हैं
[B] काले पदार्थ अधिक गर्मी को दर्शाते हैं
[C] काली सतहों को साफ करना आसान है
[D] बर्तन की सामग्री क्षतिग्रस्त नहीं होगी


[A] काले पदार्थ अधिक गर्मी को अवशोषित करते हैं


Q. विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat) है –
[A] विशिष्ट तापमान जिसमें पदार्थ ठोस राज्य में है
[B] एक पदार्थ के 1 ग्राम के तापमान को 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊर्जा
[C] गर्मी की मात्रा 1 मिनट में आयोजित की गई
[D] गर्मी को 1 डिग्री फ़ारेनहाइट पानी के 1 गैलन के तापमान में वृद्धि करने की आवश्यकता है।


[B] एक पदार्थ के 1 ग्राम के तापमान को 1 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊर्जा


Q. वैक्यूम (वायु) में गर्म पानी से भरा एक धातु कंटेनर गर्मी कैसे खोएगा?
[A] चालन द्वारा
[B] संवहन द्वारा
[C] विकिरण द्वारा
[D] हमेशा के लिए गर्म रहेंगे

[C] विकिरण द्वारा


Q. बर्फ का एक खंड –
[A] गर्मी विकिरण नहीं कर सकता
[B] गर्मी विकीर्ण कर सकता है लेकिन गर्मी को अवशोषित नहीं कर सकता
[C] ग़र्मी को अवशोषित कर सकते हैं लेकिन गर्मी को विकीर्ण नहीं कर सकते
[D] विकिरण के साथ ही गर्मी को अवशोषित कर सकता है


[D] विकिरण के साथ ही गर्मी को अवशोषित कर सकता है


Q. किसी ठोस पदार्थ का तरल में परिवर्तन होने की प्रक्रिया होगी, जब वह –
[A] एक स्थिर तापमान पर शेष जबकि गर्मी जारी करता है
[B] एक निरंतर तापमान पर शेष गर्मी को अवशोषित करते हैं
[C] तापमान कम होने के कारण गर्मी जारी करता है।
[D] तापमान वृद्धि के रूप में गर्मी को अवशोषित करता है।


[B] एक निरंतर तापमान पर शेष गर्मी को अवशोषित करते हैं


Q. एक कमरे में एक धातु की मेज पर गर्म चाय का एक कप गर्मी से हारता है, जब –
[A] संवाहन (Conduction)
[B] चालन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] उपर्युक्त सभी

[D] उपर्युक्त सभी


Q. कौन सा एक क्षेत्र, एक ही सामग्री के घन और परिपत्र प्लेट और उसी द्रव्यमान के समान तापमान के लिए सही है?
[A] क्षेत्र सबसे धीमा है
[B] परिपत्र प्लेट सबसे तेजी से ठंडा है
[C] घन सबसे तेजी से ठंडा है
[D] परिपत्र प्लेट धीमी गति को ठंडा करती है


[B] परिपत्र प्लेट सबसे तेजी से ठंडा है


Q. किस तापमान पर सेल्सियस और फ़ारेनहाइट समान हैं?
[A] + 40 डिग्री
[B] – 40 डिग्री
[C] – 0 डिग्री
[D] + 100 डिग्री

[B] – 40 डिग्री


Q. धातु शीट गर्म होने पर धातु के शीट में एक छेद का क्या होगा?
[A] यह आकार में घट जाती है
[B] यह आकार में बढ़ जाती है
[C] कोई बदलाव नहीं देखा गया है
[D] पहले बढ़ता है और फिर घट जाती है


[B] यह आकार में बढ़ जाती है


Q. कौन सी कैलोरी के बराबर है?
[A] पानी की विशिष्ट गर्मी
[B] 1 ग्राम पानी 1 डिग्री सेल्सियस के तापमान को बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊर्जा
[C] यांत्रिक कार्य के एक छोटे से अधिक 4 जूल के बराबर।
[D] ऊपर के सभी

[D] ऊपर के सभी


Q. गर्मी हस्तांतरण की निम्न प्रक्रियाओं में किस माध्यम में कोई माध्यम की आवश्यकता नहीं है?
[A] संवाहन (Conduction)
[B] चालन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] ऊपर के सभी

[C] विकिरण


Q. किस प्रक्रिया में गर्मी को अणु से अणु तक सीधे स्थानांतरित किया जा सकता है?
[A] प्रवाहकत्त्व (Conduction)
[B] चालन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] ऊपर के सभी

[A] प्रवाहकत्त्व (Conduction)


Q. जब एक ठोस, तरल या गैस एक भौतिक राज्य से दूसरे में बदलती है, तो परिवर्तन कहलाता है ?
[A] गलन (Melting)
[B] तापीय धारिता (Enthalpy)
[C] एक चरण में बदलाव
[D] ऊध्र्वपातक (Sublimation)

[C] एक चरण में बदलाव


Q. किस सतह पर एक निश्चित तापमान पर अधिक गर्मी फैलती है-
[A] काले और पॉलिश
[B] सफेद और पॉलिश
[C] सफेद और रफ
[D] काले एंड रफ

[D] काले एंड रफ


Q. गर्म हवा की तुलना में, ठंडी हवा कर सकता है –
[A] अधिक पानी वाष्प
[B] कम पानी वाष्प
[C] जल वाष्प की समान मात्रा
[D] तापमान यहां महत्वहीन है


[B] कम पानी वाष्प


Q. राज्य को सीधे ठोस से गैस में बदलना कहा जाता है –
[A] वाष्णन (Evaporation)
[B] उर्ध्वपातन (Sublimation)
[C] संघनन (Condensation)
[D] निक्षेप (Deposition)

[B] ऊध्र्वपातक (Sublimation)


Q. कौन सी उच्च तापमान की माप के लिए प्रयोग किया जाता है?
[A] भाप थर्मामीटर
[B] ऊर्जा मीटर
[C] प्रतिरोधक थर्मामीटर
[D] पाइरोमीटर: उष्णता के कारण वस्तुओं का प्रसार नापने का यंत्र


[D] पाइरोमीटर- उष्णता के कारण वस्तुओं का प्रसार नापने का यंत्र


Q. यदि उबलते पानी को चाँद की अंधेरे (Dark Side of the Moon) ओर ले जाया जाता है तो यह होगा –
[A] तुरंत वाष्पीकरण
[B] तुरंत फ्रीज
[C] उबाल करना जारी रखें
[D] उबलते रहें लेकिन गर्म रहें


[B] तुरंत फ्रीज


Q. न्यूनतम और अधिकतम थर्मामीटर के निर्माण में किन दो तरल पदार्थ का उपयोग किया जाता है?
[A] पारा और पानी
[B] पानी और शराब
[C] पारा और शराब
[D] पारा और ब्रोमिन

[C] पारा और शराब


Q. तापीय चालकता (Thermal Conductivity) के बारे में कौन सा सही है?
[A] इस्पात > लकड़ी > पानी
[B] स्टील > पानी > लकड़ी
[C] पानी > स्टील > लकड़ी
[D] जल > लकड़ी > स्टील

[B] स्टील > पानी > लकड़ी


Q. एक गर्म वस्तु, गर्मी विकिरण के रूप में अपने आसपास गर्मी खो देता है गर्मी के नुकसान की दर पर निर्भर करता है ?
[A] ऑब्जेक्ट का तापमान
[B] परिवेश का तापमान
[C] ऑब्जेक्ट और इसके परिवेश के बीच तापमान का अंतर
[D] वस्तु का औसत तापमान और इसके परिवेश


[C] ऑब्जेक्ट और इसके परिवेश के बीच तापमान का अंतर


Q. बड़े पैमाने पर 2 किलोग्राम शरीर ‘A’ और द्रव्यमान 4 किग्रा और एक ही सामग्री के दूसरे शरीर ‘B’ को कुछ अंतराल के लिए एक ही धूप में रखा जाता है। यदि तापमान में वृद्धि दोनों निकायों के लिए बराबर होती है, तो इस संबंध में कौन सा सही होगा?

[A] ‘A’ द्वारा अवशोषित गर्मी दोगुनी है क्योंकि इसकी द्रव्यमान दोगुनी है
[B] ‘A’ द्वारा अवशोषित गर्मी दोगुनी है क्योंकि इसकी द्रव्यमान आधा है
[C] ‘A’ और ‘B’ दोनों द्वारा अवशोषित गर्मी बराबर है क्योंकि गर्मी की मात्रा द्रव्यमान पर निर्भर नहीं होती है
[D] ‘B’ द्वारा अवशोषित गर्मी ‘A’ द्वारा अवशोषित गर्मी के मुकाबले चार गुणा है क्योंकि गर्मी की मात्रा अवशोषित होती है जो कि द्रव्यमान के वर्ग के अनुपात में होती है


[A] ‘A’ द्वारा अवशोषित गर्मी दोगुनी है क्योंकि इसकी द्रव्यमान दोगुनी है


Q. पानी का एक गिलास बर्फ में नहीं बदल जाता है, क्योंकि यह 0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचता है, क्योकि –
[A] पानी 0 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर नहीं होता है
[B] एक निश्चित मात्रा में गर्मी पानी के गिलास में आपूर्ति की जानी चाहिए ताकि जमना (Solidify) हो सके
[C] एक निश्चित मात्रा में गर्मी को पानी के गिलास से निकाला जाना चाहिए ताकि जमना (Solidify) हो सके
[D] पानी केवल 0 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर होता है


[C] एक निश्चित मात्रा में गर्मी को पानी के गिलास से निकाला जाना चाहिए ताकि जमना हो सके


Q. निम्न तरंगों में से एक को ‘गर्मी ऊर्जा की तरंगों’ कहलाता है?
[A] रेडियो तरंगें
[B] इन्फ्रारेड तरंगें
[C] पराबैंगनी तरंगें
[D] माइक्रोवेव

[B] इन्फ्रारेड तरंगें


Q. प्रेशर कुकर खाना पकाने में तेज होता है, क्योंकि ‘वाष्प दबाव’ में वृद्धि –
[A] विशिष्ट गर्मी बढ़ जाती है
[B] विशिष्ट गर्मी घट जाती है
[C] उबलते बिंदु घट जाती है
[D] उबलते बिंदु बढ़ जाती है


[B] विशिष्ट गर्मी घट जाती है


Q. यदि एक हीटर का तार दो समान भागों में कट जाता है और हीटर में केवल एक भाग का उपयोग किया जाता है, तो गर्मी उत्पन्न होगी:
[A] दोगुनी
[B] चार बार
[C] एक चौथाई
[D] आधी

[A] दोगुनी


Q. गर्मी के सर्वश्रेष्ठ और सबसे खराब संचालक (Conductor) क्रमशः हैं –
[A] चांदी (Ag) और सीसा (Pb)
[B] तांबे (Cu) और एल्यूमीनियम (Al)
[C] चांदी (Ag) और सोने (Au)
[D] तांबे (Cu) और सोने (Au)


[A] चांदी (Ag) और सीसा (Pb)


Q. कौन सी गर्मी हस्तांतरण का एक तरीका है जिसमें गर्म सामग्री (Warm Material) परिवहन की जाती है ताकि ठन्डे सामग्री (Cooler Material) को विस्थापित (Displace) किया जा सके?
[A] केवल प्रवाहकत्त्व/ चालन
[B] केवल संवहन
[C] विकिरण
[D] चालन और संवहन दोनों

[B] केवल संवहन


Q. कौन सा सबसे छोटा तापमान बताता है? # heat and temperature question
[A] 1 डिग्री सेल्सियस पैमाने पर
[B] केल्विन पैमाने पर 1 डिग्री
[C] फेरनहाइट पैमाने पर 1 डिग्री
[D] 1 डिग्री रेमूर पैमाने पर

[B] केल्विन पैमाने पर 1 डिग्री


Q. थर्मामीटर में से कौन-सा तापमान 1250 डिग्री सेल्सियस के तापमान को मापने के लिए पसंद किया जाता है?
[A] पारा थर्मामीटर
[B] गैस थर्मामीटर
[C] ऑप्टिकल पायरोमीटर
[D] प्लैटिनम प्रतिरोध थर्मामीटर


[C] ऑप्टिकल पायरोमीटर


Q. डॉक्टरी थर्मामीटर (Clinical Thermometer) का तापमान मापने का परिसर (Range) डिग्री सेल्सियस में कितना होता है?
[A] 30°C से 40°C
[B] 35°C से 42°C
[C] 40°C से 48°C
[D] 94°C से 104°C

[B] 35°C से 42°C – डॉक्टरी थर्मामीटर का रेंज 35°C से 42°C तक सीमित होता है क्योंकि यह विशेष रूप से मानव शरीर का तापमान मापने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो इस सीमा के बाहर नहीं जाता। स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य तापमान 37°C होता है जो इसी सीमा के अंतर्गत आता है।


Q. क्लिनिकल (डॉक्टरी) थर्मामीटर फारेनहाइट स्केल पर लगभग किस सीमा के बीच तापमान मापने के लिए उपयुक्त होता है?
[A] 90°F से 120°F
[B] 94°F से 108°F
[C] 98°F से 110°F
[D] 100°F से 130°F

(A) 90°F से 120°F – क्लिनिकल थर्मामीटर फारेनहाइट पैमाने पर लगभग 90°F से 120°F के बीच कार्य करता है। जब हम फारेनहाइट में बुखार मापते हैं (जैसे 98.6°F सामान्य और 102°F बुखार), तो यह इसी रेंज के भीतर आता है।


Q. वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में उपयोग किए जाने वाले “प्रयोगशाला तापमापी” (Laboratory Thermometer) का सामान्य परिसर कितना होता है?
[A] 0°C से 100°C
[B] -10°C से 110°C
[C] -50°C से 50°C
[D] 35°C से 42°C

[B] -10°C से 110°C – प्रयोगशालाओं में प्रयोगों के दौरान अत्यधिक कम और अधिक तापमान मापने की आवश्यकता होती है, इसलिए प्रयोगशाला तापमापी का परिसर प्रायः -10°C से लेकर 110°C तक विस्तृत होता है।


Q. ऊष्मा की सुचालक धातुओं (Conducting Metals) के समूह में से किसे सर्वोत्तम सुचालक धातु (Best Conducting Metal) माना जाता है?
[A] तांबा (Copper)
[B] लोहा (Iron)
[C] चांदी (Silver)
[D] एल्युमिनियम (Aluminum)

[C] चांदी (Silver) – सभी धातुओं में चांदी (Silver) को ऊष्मा का सबसे उत्कृष्ट या सर्वोत्तम सुचालक माना जाता है। इसके बाद तांबा और एल्युमिनियम का स्थान आता है।


Q. धातुओं की श्रेणी में ऊष्मा की सबसे खराब या न्यूनतम सुचालक (Poorest Conductor) धातु कौन सी है?
[A] सोडियम (Sodium)
[B] सीसा (Lead)
[C] पोटैशियम (Potassium)
[D] पीतल (Brass)

[B] सीसा (Lead) – धातु सामान्यतः ऊष्मा की सुचालक होती हैं, लेकिन सीसा (Lead) धातु होने के बावजूद ऊष्मा का सबसे न्यूनतम या निकृष्ट सुचालक (Poorest Conductor) माना जाता है।


Q. भौतिक विज्ञान के सिद्धांतों के अनुसार “शुद्ध जल” (Pure Water) ऊष्मा के संचरण के संदर्भ में क्या है?
[A] ऊष्मा का सुचालक
[B] ऊष्मा का कुचालक
[C] ऊष्मा का अर्धचालक
[D] ऊष्मा का अतिचालक

[B] ऊष्मा का कुचालक (Insulator) – शुद्ध जल (लवण रहित जल) ऊष्मा का कुचालक होता है। पानी में जब लवण या अशुद्धियाँ घुली होती हैं, तभी वह विद्युत और ऊष्मा का सुचालक बन पाता है; शुद्ध अवस्था में यह कुचालक की तरह व्यवहार करता है।


Q. किसी भी ईंधन की दक्षता (Fuel Efficiency) को प्रदर्शित करने वाला मानक मात्रक क्या है?
[A] किलोग्राम प्रति किलो जूल (kg/kJ)
[B] किलो जूल प्रति किलोग्राम (kJ/kg)
[C] कैलोरी प्रति ग्राम (cal/g)
[D] जूल प्रति सेकंड (J/s)

[B] किलो जूल प्रति किलोग्राम (kJ/kg) – ईंधन की दक्षता को किलो जूल प्रति किलोग्राम (kJ/kg) में व्यक्त किया जाता है। इसका अर्थ यह होता है कि ईंधन के 1 किलोग्राम द्रव्यमान को पूरी तरह जलाने पर कितने किलो जूल ऊष्मा ऊर्जा प्राप्त हो रही है।


Q. रात के समय समुद्र तटीय क्षेत्रों में “थल समीर” (Land Breeze) के चलने की भौतिक घटना का मुख्य कारण क्या है?
[A] रात्रि में थल की अपेक्षा जल का अधिक गर्म रहना
[B] रात्रि में जल की अपेक्षा थल का अधिक गर्म रहना
[C] दिन में थल की अपेक्षा जल का ठंडा रहना
[D] दिन में जल की अपेक्षा थल का अधिक गर्म रहना


(A) रात्रि में थल की अपेक्षा जल का अधिक गर्म रहना – ऊष्मागतिकी के नियम के अनुसार, जो वस्तु तेजी से गर्म होती है वह तेजी से ठंडी भी होती है। थल (भूमि) रात में जल्दी ठंडी हो जाती है जबकि समुद्र का जल धीरे-धीरे ठंडा होता है। परिणामस्वरूप, समुद्र के ऊपर की गर्म हवा ऊपर उठती है और थल की तरफ से ठंडी हवा समुद्र की ओर बहने लगती है।


Q. दिन के समय समुद्र तटीय क्षेत्रों में चलने वाली “समुद्री समीर” (Sea Breeze) का मुख्य कारण क्या है?
[A] दिन के समय जल का स्थल की तुलना में तेजी से गर्म होना
[B] दिन के समय स्थल (थल) का समुद्री जल की अपेक्षा शीघ्र गर्म होना
[C] रात के समय स्थल का अधिक गर्म रहना
[D] हवाओं का उच्च वायुदाब से निम्न वायुदाब की ओर न बहना


[B] दिन के समय स्थल (थल) का समुद्री जल की अपेक्षा शीघ्र गर्म होना – दिन के समय सूर्य की ऊष्मा से थल (भूमि) समुद्र के पानी की तुलना में बहुत जल्दी गर्म हो जाती है। थल के गर्म होने से वहाँ की हवा गर्म होकर ऊपर उठती है और समुद्र की ओर से ठंडी हवा थल की तरफ आने लगती है, जिसे समुद्री समीर कहते हैं।


Q. ठोस पदार्थों (Solids) में ऊष्मा का स्थानांतरण या संचरण मुख्य रूप से किस भौतिक विधि द्वारा होता है?
[A] संवहन (Convection)
[B] विकिरण (Radiation)
[C] चलन (Conduction)
[D] विसरण (Diffusion)

[C] चलन (Conduction) – ठोस पदार्थों में अणु अपनी जगह से हिले बिना अपनी ऊष्मा को पास के अणुओं में स्थानांतरित करते हैं। ऊष्मा संचरण की इस विधि को चलन (Conduction) कहा जाता है।


Q. द्रवों और गैसों (Liquids & Gases) में ऊष्मा का स्थानांतरण मुख्य रूप से किस विधि द्वारा संपन्न होता है?
[A] चलन (Conduction)
[B] संवहन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] संचालन

[B] संवहन (Convection) – द्रवों और गैसों में जब किसी हिस्से को ऊष्मा मिलती है, तो वहाँ के अणु हल्के होकर ऊपर उठ जाते हैं और उनका स्थान लेने के लिए ठंडे अणु नीचे आ जाते हैं। अणुओं की इस वास्तविक गति द्वारा ऊष्मा स्थानांतरण को संवहन (Convection) कहते हैं।


Q. ऊष्मा संचरण की वह कौन सी विधि है जिसमें किसी भी भौतिक माध्यम (Medium) की आवश्यकता नहीं होती है?
[A] चलन (Conduction)
[B] संवहन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] विसरण (Diffusion)

[C] विकिरण (Radiation) – विकिरण वह विधि है जिसमें ऊष्मा तरंगों (इलेक्ट्रोमैग्नेटिक तरंगों) के रूप में बिना किसी माध्यम के सीधे यात्रा करती है। सूर्य की ऊष्मा पृथ्वी तक इसी विकिरण विधि के माध्यम से निर्वात को पार करते हुए पहुँचती है।


Q. वैज्ञानिक मानकों के आधार पर दहन (Combustion) प्रक्रिया को कुल कितने भागों या प्रकारों में वर्गीकृत किया गया है?
[A] 2 प्रकार
[B] 3 प्रकार
[C] 4 प्रकार
[D] 5 प्रकार

[D] 5 प्रकार – विज्ञान के अनुसार दहन के पाँच प्रकार होते हैं: (1) पूर्ण दहन (Complete), (2) अपूर्ण दहन (Incomplete), (3) तीव्र दहन (Rapid), (4) स्वतः दहन (Spontaneous), और (5) विस्फोट (Explosion)।


Q. सल्फर (गलनांक 113°C), एल्युमिनियम (गलनांक 666°C) और लोहा (गलनांक 1535°C) को यदि 200°C के वातावरण में रखा जाए, तो कौन ठोस रूप में बने रहेंगे?
[A] केवल लोहा
[B] एल्युमिनियम और लोहा
[C] केवल सल्फर
[D] सल्फर, एल्युमिनियम और लोहा

[B] एल्युमिनियम और लोहा – चूँकि 200°C तापमान सल्फर के गलनांक (113°C) से अधिक है, इसलिए सल्फर पिघलकर द्रव बन जाएगा। वहीं एल्युमिनियम और लोहे का गलनांक 200°C से काफी अधिक होने के कारण वे अपने ठोस रूप में ही बने रहेंगे।


Q. दिए गए रासायनिक तत्वों में से सल्फर (Sulfur) का गलनांक (Melting Point) कितना होता है?
[A] 113°C
[B] 666°C
[C] 1535°C
[D] 100°C

(A) 113°C – सल्फर एक अधातु है जिसका गलनांक 113 डिग्री सेल्सियस (113°C) होता है। इस कम गलनांक के कारण यह कम तापमान पर ही पिघलने लगता है।


Q. स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य तापमान क्रमशः सेल्सियस (°C) और फारेनहाइट (°F) पैमानों पर कितना होता है?
[A] 37°C और 96.8°F
[B] 37°F और 98.6°C
[C] 37°C और 98.6°F
[D] 37°F और 96.8°C

[C] 37°C और 98.6°F – स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य तापमान सेल्सियस पैमाने पर 37°C तथा फारेनहाइट पैमाने पर 98.6°F निर्धारित किया गया है। इन दोनों का मान आपस में समतुल्य होता है।


Q. स्वस्थ मानव शरीर का सामान्य तापमान केल्विन (K) पैमाने पर कितना दर्ज होता है?
[A] 273.15 K
[B] 373.15 K
[C] 310.15 K
[D] 300 K

[C] 310.15 K – केल्विन स्केल पर तापमान का मान निकालने के लिए सेल्सियस तापमान में 273.15 जोड़ते हैं। मानव शरीर का तापमान 37°C होने के कारण, केल्विन में इसका मान 37 + 273.15 = 310.15 K होता है।


Q. किसी भी भौतिक वस्तु को लगातार गर्म करने पर उसके आंतरिक अणुओं की चाल पर क्या प्रभाव पड़ता है?
[A] अणुओं की चाल घट जाएगी
[B] अणुओं की चाल बढ़ जाएगी
[C] अणुओं की चाल अपरिवर्तित रहेगी
[D] अणु आपस में मिलकर नष्ट हो जाएंगे

[B] अणुओं की चाल बढ़ जाएगी – जब किसी वस्तु को गर्म किया जाता है, तो उसे बाह्य ऊष्मा ऊर्जा प्राप्त होती है। यह ऊर्जा अणुओं में गतिज ऊर्जा के रूप में संचित होती है, जिससे उनकी कंपकंपी और दौड़ने की चाल बढ़ जाती है।


Q. किसी भी वस्तु का मापा गया “तापमान” (Temperature) वैज्ञानिक रूप से उसके भीतर मौजूद अणुओं की किस स्थिति का सूचक होता है?
[A] अणुओं की कुल संचित स्थितिज ऊर्जा का
[B] अणुओं के कुल द्रव्यमान का
[C] अणुओं के औसत गतिज ऊर्जा का
[D] अणुओं के आकार और विन्यास का

[C] अणुओं के औसत गतिज ऊर्जा (Average Kinetic Energy) का – किसी वस्तु का तापमान सीधे तौर पर उसके अणुओं के कंपन या गति से जुड़ा होता है। तापमान अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा (Average Kinetic Energy) का सटीक माप या सूचक होता है।


Q. यदि अलग-अलग तापमान वाली दो वस्तुओं को एक-दूसरे के संपर्क में लाया जाए, तो ऊष्मा प्रवाह की दिशा क्या होगी?
[A] कम तापमान वाली वस्तु से अधिक तापमान वाली वस्तु की ओर
[B] अधिक तापमान वाली वस्तु से अपेक्षाकृत कम तापमान वाली वस्तु की ओर
[C] दोनों ओर समान प्रवाह होगा
[D] ऊष्मा का कोई प्रवाह नहीं होगा

[B] अधिक तापमान वाली वस्तु से अपेक्षाकृत कम तापमान वाली वस्तु की ओर – ऊष्मा का प्रवाह हमेशा प्राकृतिक रूप से उच्च तापीय स्तर (गर्म वस्तु) से निम्न तापीय स्तर (ठंडी वस्तु) की ओर होता है। यह प्रवाह तब तक जारी रहता है जब तक दोनों वस्तुओं का तापमान एक समान (तापीय साम्यावस्था) न हो जाए।


Q. जब किसी गर्म वस्तु को धीरे-धीरे ठंडा किया जाता है, तब उसके आंतरिक अणुओं पर क्या प्रभाव पड़ता है?
[A] अणुओं की चाल बढ़ जाती है
[B] अणुओं की चाल घट जाती है
[C] अणुओं का द्रव्यमान बढ़ जाता है
[D] अणुओं का भार घट जाता है

[B] अणुओं की चाल घट जाती है – ठंडा करने का अर्थ है वस्तु से ऊष्मा ऊर्जा को बाहर निकालना। जैसे-जैसे ऊष्मा बाहर निकलती है, अणुओं की गतिज ऊर्जा कम होती जाती है और परिणामतः उनकी चाल घट जाती है।


Q. “ऊष्मा एक प्रकार की ऊर्जा है जिसे सीधे यांत्रिक कार्य में बदला जा सकता है।” इसका सबसे पहला प्रत्यक्ष प्रमाण किस वैज्ञानिक ने दिया था?
[A] हम्फ्री डेवी (Humphry Davy)
[B] काउंट रमफोर्ड (Benjamin Thompson Rumford)
[C] एंडर्स सेल्सियस
[D] जेम्स प्रेस्कॉट जूल

[B] काउंट रमफोर्ड (Benjamin Thompson Rumford) – काउंट रमफोर्ड ने तोप की नली में ड्रिलिंग (छेद) करने के प्रयोग के दौरान देखा कि घर्षण से अत्यधिक ऊष्मा निकलती है, जिससे पानी उबलने लगा। उन्होंने ही सबसे पहले प्रमाणित किया कि कार्य को ऊष्मा में बदला जा सकता है।


Q. किस भौतिक वैज्ञानिक ने सर्वप्रथम बर्फ के दो टुकड़ों को आपस में घिसकर (रगड़कर) पिघलाने का ऐतिहासिक प्रयोग किया था?
[A] काउंट रमफोर्ड
[B] हम्फ्री डेवी (Humphry Davy)
[C] जेम्स जूल
[D] लॉर्ड केल्विन

[B] हम्फ्री डेवी (Humphry Davy) – हम्फ्री डेवी ने बर्फ के दो टुकड़ों को शून्य डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर वैक्यूम में आपस में रगड़कर पिघला दिया था। इससे यह सिद्ध हुआ कि यांत्रिक कार्य से सीधे ऊष्मा उत्पन्न की जा सकती है।


Q. “ऊष्मा के यांत्रिक तुल्यांक” (Mechanical Equivalent of Heat – J) का मान निम्न में से क्या होता है?
[A] 4186 जूल प्रति किलोकैलोरी
[B] 4.186 जूल प्रति कैलोरी
[C] 4.186 × 10^7 आर्ग प्रति कैलोरी
[D] उपर्युक्त सभी

[D] उपर्युक्त सभी – ऊष्मा और कार्य के संबंधों को दर्शाने वाले स्थिरांक ‘J’ के ये सभी मान सही हैं। मात्रकों की पद्धतियों (SI, CGS, मीट्रिक) के बदलने से संख्यात्मक मान बदले हैं, लेकिन वे भौतिक रूप से समान हैं।


Q. सेंटीग्रेड पैमाने पर -273.15°C तापमान को केल्विन पैमाने पर क्या माना जाता है?
[A] 273.15 K
[B] -273.15 K
[C] 0 K (परम शून्य)
[D] 100 K

[C] 0 K (परम शून्य) – -273.15°C को ब्रह्मांड का न्यूनतम संभव तापमान माना जाता है, जिसे ‘परम शून्य ताप’ (Absolute Zero Temperature) कहते हैं। केल्विन पैमाने की शुरुआत यहीं से होती है, इसलिए यह 0 K के बराबर होता है।


Q. अंतरराष्ट्रीय मात्रक पद्धति (SI System) के अनुसार तापमान को मापने की मूल मानक इकाई क्या है?
[A] डिग्री सेल्सियस (°C)
[B] डिग्री फारेनहाइट (°F)
[C] केल्विन (K)
[D] रूमर (°R)

[C] केल्विन (K) – तापमान मापने के लिए विभिन्न पैमाने उपयोग किए जाते हैं, परंतु वैज्ञानिक और एसआई (SI) मानक स्तर पर केल्विन (K) को ही मुख्य इकाई स्वीकार किया गया है।


Q. केल्विन पैमाने (Kelvin Scale) की मुख्य गणितीय एवं भौतिक विशेषता क्या है?
[A] इसमें मान सदैव डिग्री (°) के साथ लिखे जाते हैं
[B] इसका मान कभी भी ऋणात्मक नहीं हो सकता
[C] इसका शुरुआती बिंदु 100 K होता है
[D] यह केवल गैसों के तापमान को मापता है

[B] इसका मान कभी भी ऋणात्मक (Negative) नहीं हो सकता – चूँकि केल्विन पैमाने की शुरुआत ही न्यूनतम संभव तापमान (परम शून्य = 0 K) से होती है, इसलिए केल्विन में कोई भी मान शून्य से नीचे यानी ऋणात्मक नहीं हो सकता। इसके अलावा केल्विन के साथ कभी ‘डिग्री’ शब्द का उपयोग नहीं होता।


Q. केल्विन पैमाने पर शुद्ध जल का हिमांक बिंदु (Freezing Point) कितना होता है?
[A] 0 K
[B] 100 K
[C] 273.15 K
[D] 373.15 K

[C] 273.15 K – पानी 0°C पर जमता है। जब हम इसे केल्विन में बदलते हैं, तो 0 + 273.15 = 273.15 K प्राप्त होता है।


Q. फारेनहाइट (°F) पैमाने पर पानी का उबलना (क्वथनांक बिंदु / Boiling Point) कितना होता है?
[A] 100°F
[B] 180°F
[C] 212°F
[D] 373°F

[C] 212°F – सेल्सियस पैमाने पर पानी 100°C पर उबलता है। फारेनहाइट पैमाने पर यह बिंदु 212°F के बराबर होता है।


Q. फारेनहाइट पैमाने में हिमांक (Freezing) और क्वथनांक (Boiling) के बीच कुल कितने बराबर भागों (Degrees) का विभाजन होता है?
[A] 100 भाग
[B] 180 भाग
[C] 212 भाग
[D] 273 भाग

[B] 180 भाग – फारेनहाइट स्केल की शुरुआत 32°F (पानी का जमना) से होती है और अंत 212°F (पानी का उबलना) पर होता है। इन दोनों बिंदुओं के बीच का अंतर 212 – 32 = 180 भागों का होता है, जबकि सेल्सियस में यह अंतर 100 भागों का होता है।


Q. यदि किसी पदार्थ का तापमान 30°C मापा गया है, तो इसे केल्विन (K) में बदलने पर कितना मान प्राप्त होगा?
[A] 243.15 K
[B] 303.15 K
[C] 300 K
[D] 330.15 K

[B] 303.15 K – सेल्सियस से केल्विन में बदलने का सूत्र: K = C + 273.15 है। इस प्रकार, K = 30 + 273.15 = 303.15 K होगा।


Q. 30°C तापमान को फारेनहाइट (°F) पैमाने में बदलने पर क्या मान प्रदर्शित होगा?
[A] 54°F
[B] 86°F
[C] 98°F
[D] 102°F

[B] 86°F – सेल्सियस से फारेनहाइट परिवर्तन सूत्र: F = (9/5 * C) + 32 है। मान रखने पर: F = (9/5 * 30) + 32 = 54 + 32 = 86°F.


Q. वह कौन सा जादुई तापमान अंक है जिस पर सेल्सियस (°C) और फारेनहाइट (°F) दोनों थर्मामीटर बिल्कुल एक समान रीडिंग दिखाते हैं?
[A] 0 डिग्री
[B] -40 डिग्री
[C] -273 डिग्री
[D] 100 डिग्री

[B] -40 डिग्री – गणितीय गणना के अनुसार, -40°C और -40°F दोनों का तापीय मान बिल्कुल समान होता है। थर्मामीटर में इस बिंदु पर दोनों स्केल एक ही पठन दर्शाते हैं।


Q. जल (Water) का घनत्व (Density) किस तापमान पर सबसे अधिक (Maximum) दर्ज किया जाता है?
[A] 0°C
[B] 4°C
[C] 100°C
[D] -4°C

[B] 4°C – जल का एक असामान्य व्यवहार होता है जिसे ‘जल का असंगत प्रसार’ कहते हैं। 4°C पर पानी के अणु एक-दूसरे के सबसे निकट आ जाते हैं, जिससे इसका घनत्व अधिकतम होता है।


Q. जल का आयतन (Volume) किस तापमान पर सबसे कम (Minimum) होता है?
[A] 0°C
[B] 4°C
[C] 100°C
[D] 32°F

[B] 4°C – चूँकि घनत्व (Density) और आयतन (Volume) एक-दूसरे के विलोमानुपाती होते हैं, इसलिए जिस तापमान (4°C) पर जल का घनत्व सर्वाधिक होगा, उसी 4°C तापमान पर उसका आयतन न्यूनतम होगा।


Q. जल के अधिकतम घनत्व वाले तापमान बिंदु (4°C) को फारेनहाइट में परिवर्तित करने पर कितना मान आएगा?
[A] 32°F
[B] 39.2°F
[C] 40°F
[D] 35.6°F

[B] 39.2°F – 4°C को फारेनहाइट में बदलने के लिए: (9/5 * 4) + 32 = 7.2 + 32 = 39.2°F.


Q. वैज्ञानिक शब्दावली में “क्रायोजेनिक्स” (Cryogenics) का संबंध निम्नलिखित में से किससे है?
[A] अत्यधिक उच्च तापमान का अध्ययन
[B] बहुत कम तापमान (प्रायः -150°C से कम) का अध्ययन व अनुप्रयोग
[C] बादलों की ऊष्मा का अध्ययन
[D] ग्रहों के तापमान का मापन

[B] बहुत कम तापमान (प्रायः -150°C से कम) का अध्ययन व अनुप्रयोग – अत्यंत निम्न तापमान पर पदार्थों के व्यवहार और तकनीक के अध्ययन को क्रायोजेनिक्स कहा जाता है। यह क्षेत्र अंतरिक्ष विज्ञान और चिकित्सा क्षेत्र में बहुत महत्वपूर्ण है।


Q. “क्रायोप्रिजर्वेशन” (Cryopreservation) प्रक्रिया में जैविक नमूनों को सुरक्षित रखने के लिए किस रसायन और किस तापमान का प्रयोग किया जाता है?
[A] -50°C पर बर्फ का पानी
[B] -196°C पर द्रव नाइट्रोजन
[C] -100°C पर शुष्क बर्फ
[D] 0°C पर कार्बन डाइऑक्साइड

[B] -196°C पर द्रव नाइट्रोजन (Liquid Nitrogen) – क्रायोप्रिजर्वेशन में पौधों के परागकणों और मानव शुक्राणुओं (sperm) जैसे नमूनों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए द्रव नाइट्रोजन का उपयोग कर उन्हें -196°C तापमान पर संग्रहित किया जाता है।


Q. अल्कोहल का क्वथनांक 78°C होता है। केल्विन पैमाने पर इसका क्वथनांक कितना मापा जाएगा?
[A] 351 K
[B] 273 K
[C] 378 K
[D] 178 K

(A) 351 K – सेल्सियस से केल्विन परिवर्तन के लिए: K = 78 + 273 = 351 K.


Q. पानी किस विशिष्ट तापमान पर द्रव (Liquid) और ठोस (Solid) दोनों अवस्थाओं में एक साथ मौजूद रह सकता है?
[A] 4°C
[B] 0°C
[C] 100°C
[D] -10°C

[B] 0°C – 0°C वह बिंदु है जहाँ बर्फ पिघलकर पानी बनती है और पानी जमकर बर्फ बनता है। इस तापमान पर पानी ठोस और द्रव दोनों अवस्थाओं में सह-अस्तित्व में रह सकता है।


Q. किसी वर्गाकार या घनीय धातु की वस्तु (Cubic Object) में होने वाला ऊष्मा चालन (Heat Conduction) निम्नलिखित में से किस पर निर्भर नहीं करता है?
[A] धातु के पदार्थ (Material) पर
[B] वस्तु की विमाओं (Dimensions/आकार) पर
[C] सतह पर होने वाले घर्षण (Friction) पर
[D] धातु के इलेक्ट्रॉनिक विन्यास (Electronic Configuration) पर


[C] सतह पर होने वाले घर्षण (Friction) पर – किसी पिंड में ऊष्मा चालन उसकी आंतरिक सामग्री, आकार और मुक्त इलेक्ट्रॉनों पर निर्भर करता है, लेकिन इसका पिंड की सतह पर होने वाले बाहरी घर्षण (Friction) से कोई सीधा संबंध नहीं होता।


Q. ऊनी कपड़े सर्दियों में हमारे शरीर को गर्म रखने में कैसे सहायक होते हैं?
[A] ऊन हमारे शरीर को बाहर से नई ऊष्मा प्रदान करता है
[B] ऊन ऊष्मा का कुचालक है और इसके रेशे वायु (जो कि कुचालक है) को रोककर रखते हैं
[C] ऊन वातावरण की आर्द्रता को सोखकर ऊष्मा बनाता है
[D] ऊन की वजह से शरीर का रक्त संचार बहुत तेज हो जाता है


[B] ऊन ऊष्मा का कुचालक है और इसके रेशे वायु (जो कि कुचालक है) को रोककर रखते हैं – ऊन ऊष्मा का कुचालक होता है। इसके साथ ही, सर्दियों में कपड़ों की परतें बनाने से उनके बीच हवा फंस जाती है। चूंकि हवा भी ऊष्मा की कुचालक है, यह शरीर की आंतरिक गर्मी को बाहर जाने से रोकती है।


Q. सोलर कुकर के अंदरूनी बक्से के फर्श और दीवारों को हमेशा काले रंग (Black Color) से क्यों रंगा जाता है?
[A] काला रंग सौर ऊर्जा को परावर्तित कर देता है
[B] काला रंग सौर विकिरण का बहुत अच्छा अवशोषक होता है
[C] काला रंग बक्से को सुंदर लुक देता है
[D] यह बक्से को जंग लगने से बचाता है

[B] काला रंग सौर विकिरण का बहुत अच्छा अवशोषक (Excellent Absorber) होता है – काला रंग अपने ऊपर पड़ने वाली सूर्य की किरणों को सबसे अधिक अवशोषित करता है। सोलर कुकर के भीतर काला रंग होने से वह अधिक ऊष्मा अवशोषित कर लेता है जिससे खाना जल्दी पकता है।


Q. न्यूटन के शीतलन नियम (Newton’s Law of Cooling) के अनुसार, किसी गर्म पिंड के तापमान और ठंडे होने में लगे समय का ग्राफ किस आकार का बनता है?
[A] एक सीधी ढाल वाली रेखा (Straight Line)
[B] परवलय (Parabola)
[C] उल्टा परवलय (Reverse Parabola)
[D] सर्पिलाकार (Spiral)

[C] उल्टा परवलय (Reverse Parabola) – न्यूटन के शीतलन नियम के तहत जब कोई वस्तु ठंडी होती है, तो शुरुआत में तापमान तेजी से गिरता है और बाद में गिरने की दर धीमी हो जाती है। यह वक्र ग्राफ पर एक ‘रिवर्स पैराबोला’ (Reverse Parabola) के रूप में दिखाई देता है।


Q. कौन सा उपकरण विद्युत ऊर्जा को ऊष्मा में बदलने वाले “जूल के तापन नियम” (Joule’s Law of Heataing) पर आधारित नहीं है?
[A] इलेक्ट्रिक केतली
[B] इलेक्ट्रिक गीजर
[C] इलेक्ट्रिक प्लग और स्विच
[D] इलेक्ट्रिक फ्यूज

[C] इलेक्ट्रिक प्लग और स्विच – इलेक्ट्रिक केतली, गीजर, प्रेस और फ्यूज सभी जूल के तापन नियम (प्रतिरोध के कारण ऊष्मा उत्पन्न होना) पर काम करते हैं। इलेक्ट्रिक स्विच और प्लग इस नियम पर आधारित नहीं होते, अन्यथा करंट बहने पर वे गर्म होकर तुरंत पिघल जाते।


Q. जूल के तापन नियम के अनुसार, किसी चालक में उत्पन्न होने वाली ऊष्मा (H) का सही गणितीय सूत्र क्या है?
[A] H = I × R × t
[B] H = I^2 × R × t
[C] H = I × R^2 × t
[D] H = I × R × t^2

[B] H = I^2 × R × t – जूल के नियमानुसार उत्पन्न ऊष्मा बहने वाली विद्युत धारा के वर्ग (I^2), चालक के प्रतिरोध (R) और समय (t) के समानुपाती होती है। इसलिए सही सूत्र H = I^2 * R * t है।


Q. वह ऊष्मागतिकी प्रक्रम (Thermodynamic Process) जिसमें पूरे प्रक्रम के दौरान आयतन स्थिर (Constant Volume) रहता है, उसे क्या कहते हैं?
[A] समदाबीय प्रक्रम (Isobaric Process)
[B] समतापीय प्रक्रम (Isothermal Process)
[C] समआयतनिक प्रक्रम (Isochoric Process)
[D] रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process)

[C] समआयतनिक प्रक्रम (Isochoric Process) – स्थिर आयतन पर होने वाली प्रक्रिया को समआयतनिक (Isochoric) कहते हैं। यदि दाब स्थिर हो तो उसे समदाबीय (Isobaric) और यदि तापमान स्थिर हो तो उसे समतापीय (Isothermal) प्रक्रम कहा जाता है।


Q. भौतिक विज्ञान में एन्ट्रॉपी (Entropy – अव्यवस्था की माप) को ऊष्मागतिकी के किस नियम द्वारा परिभाषित किया गया है?
[A] ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम
[B] ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम
[C] ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम
[D] ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम

[C] ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम (Second Law) – ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम मुख्य रूप से एन्ट्रॉपी को परिभाषित करता है। यह नियम बताता है कि प्राकृतिक प्रक्रमों में एन्ट्रॉपी (अव्यवस्था) का मान हमेशा बढ़ता है।


Q. ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics) मुख्य रूप से किस भौतिक अवधारणा का व्यावहारिक रूप है?
[A] संवेग संरक्षण का नियम
[B] ऊर्जा संरक्षण का नियम
[C] कोणीय संवेग संरक्षण
[D] द्रव्यमान संरक्षण का नियम

[B] ऊर्जा संरक्षण का नियम (Law of Conservation of Energy) – ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत की पुष्टि करता है, जिसके अनुसार ब्रह्मांड में कुल ऊर्जा स्थिर है; इसे न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट, केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।


Q. जब पानी को 0°C से गर्म किया जाता है, तो इसके “विशिष्ट आयतन” (Specific Volume) में क्या क्रमिक बदलाव आता है?
[A] यह निरंतर बढ़ता जाता है
[B] यह निरंतर घटता जाता है
[C] पहले यह घटता है और फिर (4°C के बाद) बढ़ना शुरू होता है
[D] पहले यह तेजी से बढ़ता है और फिर घटने लगता है


[C] पहले यह घटता है और फिर (4°C के बाद) बढ़ना शुरू होता है – 0°C से 4°C तक गर्म करने पर पानी का संकुचन होता है जिससे उसका घनत्व बढ़ता है और विशिष्ट आयतन घटता है। 4°C पर आयतन न्यूनतम होता है। 4°C के बाद गर्म करने पर पानी फैलने लगता है, जिससे उसका विशिष्ट आयतन बढ़ना शुरू हो जाता है।


Q. ऊष्मागतिकी का वह कौन सा नियम है जिसके अनुसार ब्रह्मांड में कुल ऊर्जा का परिमाण स्थिर रहता है, इसे न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट?
[A] ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम
[B] ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम
[C] ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम
[D] ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम

(A) ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics) – ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम ऊर्जा संरक्षण के सिद्धांत (Law of Conservation of Energy) का ही एक रूप है। इसके अनुसार ऊर्जा को केवल एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित किया जा सकता है, जैसे यांत्रिक कार्य को ऊष्मा में या ऊष्मा को यांत्रिक कार्य में।


Q. ऊँचे पर्वतीय स्थानों (High Altitude) पर जब हम भोजन पकाते हैं, तो वहाँ पानी जल्दी उबल जाता है लेकिन खाना देर से पकता है। इसका मुख्य वैज्ञानिक कारण क्या है?
[A] अधिक वायुदाब के कारण पानी का क्वथनांक बढ़ जाता है
[B] कम वायुमंडलीय दाब के कारण पानी का क्वथनांक (Boiling Point) घट जाता है, जिससे पानी कम तापमान पर ही उबलने लगता है और उसमें भोजन पकाने के लिए पर्याप्त ऊष्मा नहीं होती
[C] पर्वतों पर ऑक्सीजन की कमी के कारण आग कम गर्म होती है
[D] पर्वतों पर ठंड के कारण बर्तन जल्दी ठंडे हो जाते है


[B] कम वायुमंडलीय दाब के कारण पानी का क्वथनांक (Boiling Point) घट जाता है, जिससे पानी कम तापमान पर ही उबलने लगता है और उसमें भोजन पकाने के लिए पर्याप्त ऊष्मा नहीं होती – ऊँचाई वाले स्थानों पर वायुमंडलीय दाब कम होता है। दाब कम होने से पानी का क्वथनांक 100°C से घटकर कम हो जाता है (जैसे 90°C या उससे कम)। इसलिए पानी जल्दी उबलने लगता है, लेकिन कम तापमान पर उबलने के कारण उसमें भोजन को पकाने के लिए आवश्यक तापीय ऊर्जा नहीं मिल पाती, जिससे खाना पकने में अधिक समय लगता है।


Q. किसी भी गैसीय या तरल पदार्थ का तापमान बढ़ने पर उसके अणुओं की गति और गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
[A] अणुओं की गतिज ऊर्जा घट जाती है
[B] अणुओं की गतिज ऊर्जा शून्य हो जाती है
[C] अणुओं की गति और गतिज ऊर्जा दोनों बढ़ जाती हैं
[D] अणुओं की गतिज ऊर्जा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता


[C] अणुओं की गति और गतिज ऊर्जा दोनों बढ़ जाती हैं – जब हम किसी पदार्थ का तापमान बढ़ाते हैं, तो उसे बाह्य ऊष्मीय ऊर्जा मिलती है। यह ऊर्जा अणुओं द्वारा अवशोषित की जाती है, जिससे उनकी गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) बढ़ जाती है और वे पहले से अधिक तीव्र गति से भागने और टकराने लगते हैं।


Q. ध्रुवीय प्रदेशों में बर्फ से बने दोहरे आवरण वाले घर “इग्लू” (Igloo) के अंदर रहने पर बहुत कम ठंड लगती है। इसका कारण क्या है?
[A] बर्फ स्वयं बहुत गर्म होती है
[B] इग्लू के दोहरे आवरण के बीच की हवा और बर्फ दोनों ऊष्मा के कुचालक हैं, जो अंदर की ऊष्मा को बाहर जाने से रोकते हैं
[C] इग्लू के भीतर लगातार कृत्रिम ऊष्मा उत्पन्न होती रहती है
[D] बर्फ वातावरण की हवा को पूरी तरह अवशोषित कर लेती है


[B] इग्लू के दोहरे आवरण के बीच की हवा और बर्फ दोनों ऊष्मा के कुचालक हैं, जो अंदर की ऊष्मा को बाहर जाने से रोकते हैं – बर्फ और हवा दोनों ही ऊष्मा के कुचालक (Bad Conductors) होते हैं। इग्लू को दोहरी परतों में बनाया जाता है ताकि उनके बीच हवा फंसी रहे। यह फंसी हुई हवा और बर्फ की दीवारें मानव शरीर की गर्मी को इग्लू से बाहर निकलने नहीं देतीं, जिससे अंदर का वातावरण गर्म बना रहता है।


Q. यदि हम किसी धातु के फ्राइंग पैन के हैंडल को बिना कपड़े या बिना इंसुलेटेड कवर के पकड़ते हैं, तो हमारा हाथ जल जाता है, लेकिन लकड़ी के हैंडल से ऐसा नहीं होता। ऐसा क्यों?
[A] धातु ऊष्मा की बहुत अच्छी सुचालक होती है जबकि लकड़ी ऊष्मा की कुचालक होती है
[B] लकड़ी में घर्षण बहुत अधिक होता है
[C] धातु में विशिष्ट ऊष्मा बहुत कम होती है
[D] लकड़ी गर्म होने पर सिकुड़ जाती है

(A) धातु ऊष्मा की बहुत अच्छी सुचालक (Good Conductor) होती है जबकि लकड़ी ऊष्मा की कुचालक होती है – धातुएँ (जैसे तांबा, लोहा, एल्युमिनियम) ऊष्मा की सुचालक होती हैं, जिसके कारण आग की ऊष्मा पैन से बहकर तुरंत हैंडल तक आ जाती है। इसके विपरीत, लकड़ी ऊष्मा की कुचालक (Insulator) होती है, इसलिए वह गर्म नहीं होती और उसे छूने पर हमारा हाथ नहीं जलता।


Q. सामान्य जल (Liquid Water) की तुलना में बर्फ (Ice) के घनत्व (Density) के संबंध में कौन सा कथन सत्य है?
[A] बर्फ का घनत्व सामान्य जल से अधिक होता है
[B] बर्फ का घनत्व सामान्य जल से कम होता है, इसलिए बर्फ पानी पर तैरती है
[C] दोनों का घनत्व बिल्कुल समान होता है
[D] बर्फ का घनत्व तापमान पर निर्भर नहीं करता


[B] बर्फ का घनत्व सामान्य जल से कम होता है, इसलिए बर्फ पानी पर तैरती है – पानी के अणुओं की संरचना जमने के बाद एक पिंजरे जैसी (Cage-like) हो जाती है, जिससे उसका आयतन बढ़ जाता है और घनत्व कम हो जाता है। जल का घनत्व बर्फ की तुलना में अधिक होने के कारण ही बर्फ आसानी से पानी के ऊपर तैरने लगती है।


Q. एक आदर्श या पूर्ण चालक (Perfect Conductor) पदार्थ की विद्युत एवं तापीय चालकता (Conductivity) का मान कितना माना जाता है?
[A] शून्य (Zero)
[B] इकाई (One)
[C] अनंत (Infinite)
[D] ऋणात्मक

[C] अनंत (Infinite) – एक आदर्श या परफेक्ट सुचालक वह होता है जो बिना किसी प्रतिरोध के ऊष्मा और विद्युत को अपने भीतर से प्रवाहित होने दे। इसलिए वैज्ञानिक सिद्धांतों में एक पूर्ण चालक की चालकता को अनंत (Infinite) माना जाता है।


Q. वैज्ञानिक उपकरणों और घर के बर्तनों के कुछ हिस्सों में उपयोग किए जाने वाले “सिरेमिक” (Ceramics) पदार्थ ऊष्मा के संचरण के मामले में क्या कहलाते हैं?
[A] उत्कृष्ट सुचालक
[B] कुचालक
[C] अतिचालक
[D] अर्धचालक

[B] कुचालक (Bad Conductors) – सिरेमिक (चीनी मिट्टी या विशेष मिट्टी से बने पदार्थ) ऊष्मा और विद्युत दोनों के बेहद खराब चालक यानी कुचालक होते हैं। इसी गुण के कारण इनका उपयोग बिजली के खंभों पर इंसुलेटर और चाय के कप आदि बनाने में किया जाता है ताकि ऊष्मा का संचरण रोका जा सके।


Q. सूर्य से आने वाली तीव्र ऊष्मा बिना किसी भौतिक माध्यम के लाखों किलोमीटर का निर्वात पार करके हमारे तक पहुँचती है। यह ऊष्मा संचरण के किस रूप का उदाहरण है?
[A] चलन (Conduction)
[B] संवहन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] विसरण

[C] विकिरण (Radiation) – विकिरण (Radiation) विद्युत चुम्बकीय तरंगों (Electromagnetic Waves) के रूप में ऊष्मा का संचरण है। इसके लिए किसी ठोस, द्रव या गैस माध्यम की आवश्यकता नहीं होती, यही कारण है कि सूर्य की गर्मी अंतरिक्ष के निर्वात को पार कर सीधे पृथ्वी तक पहुँच जाती है।


Q. ऊष्मागतिकी के उस प्रक्रम को क्या कहा जाता है जिसमें पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रणाली (System) का तापमान स्थिर (Constant Temperature) बना रहता है?
[A] समदाबीय प्रक्रम (Isobaric)
[B] समतापीय प्रक्रम (Isothermal Process)
[C] समआयतनिक प्रक्रम (Isochoric)
[D] रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic)

[B] समतापीय प्रक्रम (Isothermal Process) – ‘समतापीय’ का अर्थ है समान तापमान। ऊष्मागतिकी में जब कोई प्रक्रम इस प्रकार होता है कि पूरी प्रक्रिया में निकाय का तापमान नहीं बदलता, तो उसे समतापीय प्रक्रम (Isothermal Process) कहा जाता है।


Q. ऊष्मागतिकी के उस भौतिक प्रक्रम को क्या नाम दिया जाता है जिसमें पूरी प्रक्रिया के दौरान निकाय का दाब (Constant Pressure) हमेशा स्थिर रहता है?
[A] समतापीय प्रक्रम
[B] समआयतनिक प्रक्रम
[C] समदाबीय प्रक्रम
[D] रुद्धोष्म प्रक्रम

[C] समदाबीय प्रक्रम (Isobaric Process) – यदि किसी प्रक्रम के दौरान निकाय का दाब (Pressure) स्थिर रहता है, तो उसे समदाबीय प्रक्रम (Isobaric Process) कहते हैं। उदाहरण के लिए, खुले बर्तन में पानी का उबलना।


Q. यदि किसी बंद सिलेंडर या स्थिर आयतन वाले बर्तन में कोई तापीय प्रक्रिया संपन्न कराई जाए, तो वह प्रक्रम किस नाम से जाना जाएगा?
[A] समतापीय प्रक्रम
[B] समदाबीय प्रक्रम
[C] समआयतनिक प्रक्रम
[D] रुद्धोष्म प्रक्रम

[C] समआयतनिक प्रक्रम (Isochoric Process) – स्थिर आयतन (Constant Volume) पर होने वाले किसी भी प्रक्रम को समआयतनिक प्रक्रम (Isochoric Process) कहते हैं। चूंकि आयतन स्थिर रहता है, इसलिए इस प्रक्रम में निकाय द्वारा किया गया कार्य (W = P·ΔV) शून्य होता है।


Q. ऊष्मागतिकी के द्वितीय नियम (Second Law) के अनुसार, किसी भी बंद या विलगित निकाय (Isolated System) की एन्ट्रॉपी (Entropy) समय के साथ हमेशा क्या होती है?
[A] हमेशा घटती है
[B] हमेशा शून्य की ओर बढ़ती है
[C] हमेशा बढ़ती है या अधिकतम होने का प्रयास करती है
[D] हमेशा स्थिर रहती है

[C] हमेशा बढ़ती है या अधिकतम होने का प्रयास करती है – ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम स्पष्ट रूप से कहता है कि ब्रह्मांड की कुल अव्यवस्था या एन्ट्रॉपी (Entropy) निरंतर बढ़ रही है। किसी भी बंद निकाय में ऊर्जा स्वतः ही अधिक अव्यवस्थित रूप में परिवर्तित होती है, जिससे उसकी एन्ट्रॉपी बढ़ती है।


Q. पानी (H2O) के अणुओं की गतिज ऊर्जा और गति किस अवस्था (ठोस, द्रव या गैस) में सर्वाधिक तीव्र होती है?
[A] ठोस अवस्था (बर्फ) में
[B] द्रव अवस्था (जल) में
[C] गैस अवस्था (भाप/स्टीम) में
[D] सभी अवस्थाओं में समान रहती है

[C] गैस अवस्था (भाप/स्टीम) में – गैस अवस्था में अणुओं के बीच पारस्परिक आकर्षण बल सबसे कम होता है और उनकी तापीय ऊर्जा बहुत अधिक होती है। इस कारण गैस या भाप के रूप में पानी के अणुओं की चाल और गतिज ऊर्जा सर्वाधिक तीव्र होती है।


Q. वायुमंडल में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस को पृथ्वी के बढ़ते तापमान (Global Warming) के लिए मुख्य रूप से क्यों जिम्मेदार माना जाता है?
[A] CO2 गैस ठंडी हवा को पूरी तरह नष्ट कर देती है
[B] CO2 गैस सूर्य की ऊष्मा को अवशोषित करके उसे वायुमंडल में रोक लेती है
[C] CO2 गैस हवा के घनत्व को बहुत कम कर देती है
[D] CO2 गैस सीधे बर्फ को पिघलाने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया करती है


[B] CO2 गैस सूर्य की ऊष्मा को अवशोषित करके उसे वायुमंडल में रोक लेती है (Greenhouse Effect) – CO2 गैस एक ग्रीनहाउस गैस है। यह सूर्य से आने वाली किरणों को पृथ्वी तक आने देती है, लेकिन पृथ्वी से उत्सर्जित होने वाली दीर्घ तरंगदैर्ध्य वाली अवरक्त विकिरण (Infrared/Thermal Radiation) को बाहर जाने से रोककर अवशोषित कर लेती है। इससे वायुमंडल का तापमान बढ़ता है।


Q. बिजली के सर्किटों में सुरक्षा के लिए उपयोग किया जाने वाला “इलेक्ट्रिक फ्यूज” (Electric Fuse) जूल के तापन नियम के तहत किस विशेष गुण पर काम करता है?
[A] कम प्रतिरोध और बहुत अधिक गलनांक
[B] बहुत अधिक प्रतिरोध और अत्यधिक गलनांक
[C] उच्च प्रतिरोध और कम गलनांक
[D] शून्य चालकता

[C] उच्च प्रतिरोध और कम गलनांक (Low Melting Point) – फ्यूज तार को ऐसे पदार्थ से बनाया जाता है जिसका गलनांक बहुत कम होता है। जब सर्किट में सीमा से अधिक करंट बहता है, तो जूल के नियम (H = I^2 R t) के अनुसार उत्पन्न ऊष्मा से फ्यूज तार गर्म होकर तुरंत पिघल जाता है और सर्किट टूट जाता है, जिससे उपकरण सुरक्षित रहते हैं।


Q. जब किसी केतली में पानी को नीचे से गर्म किया जाता है, तो तली का गर्म पानी ऊपर की ओर उठता है। इसका कारण क्या है?
[A] गर्म होने पर पानी का घनत्व बढ़ जाता है
[B] गर्म होने पर पानी फैलता है जिससे उसका घनत्व घट जाता है और वह हल्का होकर ऊपर उठता है
[C] केतली के अंदर का दबाव उसे ऊपर फेंकता है
[D] पानी के अणुओं का गुरुत्वाकर्षण बल बढ़ जाता है


[B] गर्म होने पर पानी फैलता है जिससे उसका घनत्व घट जाता है और वह हल्का होकर ऊपर उठता है – पानी को नीचे से गर्म करने पर तली का पानी पहले गर्म होता है। गर्म होने पर आयतन बढ़ता है और घनत्व कम हो जाता है। हल्का होने के कारण यह गर्म पानी ऊपर उठता है और ऊपर का ठंडा व भारी पानी नीचे की ओर बैठता है। इसे ही संवहन धारा (Convection Current) कहते हैं।


Q. कौन सा समूह पूरी तरह से विद्युत और ऊष्मा के कुचालकों (Insulators) का प्रतिनिधित्व करता है?
[A] तांबा, सोना, अल्युमिनियम
[B] शुद्ध जल, सूखी लकड़ी, प्लास्टिक
[C] पीतल, लोहा, चांदी
[D] पारा, जस्ता, तांबा

[B] शुद्ध जल, सूखी लकड़ी, प्लास्टिक – शुद्ध जल (जिसमें लवण न हों), सूखी लकड़ी और प्लास्टिक में मुक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या न के बराबर होती है। इसलिए ये विद्युत और ऊष्मा के पूर्ण कुचालक होते हैं।


Q. केल्विन पैमाने पर पानी का क्वथनांक बिंदु (Boiling Point) कितना दर्ज होता है?
[A] 100 K
[B] 273.15 K
[C] 373.15 K
[D] 310.15 K

[C] 373.15 K – पानी का क्वथनांक (Boiling Point) 100°C होता है। केल्विन पैमाने पर इसका मान ज्ञात करने के लिए 100 में 273.15 जोड़ते हैं, जिससे कुल मान 373.15 K प्राप्त होता है।


Q. सेल्सियस पैमाने पर पानी के जमने (हिमांक) और उबलने (क्वथनांक) के बीच कुल कितने बराबर भागों या अंशों का विभाजन होता है?
[A] 100 भाग
[B] 180 भाग
[C] 212 भाग
[D] 273 भाग

(A) 100 भाग – सेल्सियस पैमाना 0°C (पानी का जमना) से शुरू होकर 100°C (पानी का उबलना) पर समाप्त होता है। इन दोनों के बीच कुल 100 बराबर खाने या भाग होते हैं, जिनमें से प्रत्येक भाग 1 डिग्री सेल्सियस को प्रदर्शित करता है।


Q. माइक्रोवेव ओवन में उपयोग किए जाने वाले “बोरोसिलिकेट ग्लास” (Borosilicate Glass) की सबसे मुख्य तापीय विशेषता क्या है?
[A] यह ऊष्मा का बहुत अच्छा सुचालक होता है
[B] यह अत्यधिक ऊष्मा प्रतिरोधी होता है और तापीय झटके से नहीं टूटता
[C] यह ठंडे पानी को तुरंत गर्म कर देता है
[D] यह सौर विकिरण को अवशोषित करता है

[B] यह अत्यधिक ऊष्मा प्रतिरोधी (Highly Heat Resistant) होता है और तापीय झटके (Thermal Shock) से नहीं टूटता – बोरोसिलिकेट ग्लास में सिलिका और बोरॉन ट्राइऑक्साइड होता है, जिसके कारण इसका तापीय प्रसार गुणांक (Thermal Expansion Coefficient) बहुत कम होता है। तापमान में अचानक परिवर्तन होने पर भी यह सिकुड़ता या फैलता नहीं है, जिससे यह टूटता नहीं है।


Q. तापमान मापने वाले किस पैमाने का मान कभी भी ऋणात्मक (Negative) नहीं दर्ज किया जा सकता है?
[A] सेल्सियस पैमाना
[B] फारेनहाइट पैमाना
[C] केल्विन पैमाना
[D] रूमर पैमाना

[C] केल्विन पैमाना (Kelvin Scale) – केल्विन स्केल पूर्णतः वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित है, जिसकी शुरुआत ही ब्रह्मांड के न्यूनतम संभव तापमान यानी 0 K (परम शून्य) से होती है। चूँकि इससे कम कोई तापमान संभव ही नहीं है, इसलिए केल्विन में कोई भी संख्या ऋणात्मक नहीं हो सकती।


Q. संपूर्ण आवर्त सारणी (Periodic Table) में मौजूद सभी तत्वों में से किस तत्व का गलनांक (Melting Point) सबसे अधिक होता है?
[A] टंगस्टन (Tungsten)
[B] लोहा (Iron)
[C] कार्बन (Carbon)
[D] प्लेटिनम (Platinum)

[C] कार्बन (Carbon) – प्रायः लोगों को लगता है कि टंगस्टन का गलनांक (3380°C) सर्वाधिक है, परंतु आवर्त सारणी में कार्बन (Carbon) का गलनांक सबसे अधिक होता है, जो लगभग 5800°C के आसपास होता है।


Q. साधारण बल्ब के फिलामेंट में प्रयुक्त होने वाली प्रसिद्ध धातु “टंगस्टन” (Tungsten) का गलनांक लगभग कितना होता है?
[A] 1535°C
[B] 3380°C
[C] 5800°C
[D] 666°C

[B] 3380°C – टंगस्टन का गलनांक अत्यंत उच्च (लगभग 3380°C) होता है। इसी उच्च गलनांक के कारण जब बल्ब में विद्युत प्रवाहित होती है, तो यह अत्यधिक गर्म और चमकदार होने पर भी बिना पिघले सुरक्षित रहता है।


Q. सर्दियों के मौसम में हल्के या सफेद कपड़ों की तुलना में गहरे या काले रंग के कपड़े पहनने की सलाह क्यों दी जाती है?
[A] काले रंग के कपड़े ऊष्मा को परावर्तित करते हैं
[B] गहरा रंग बाह्य तापीय विकिरण का बहुत अच्छा अवशोषक होता है और शरीर को गर्म रखता है
[C] गहरे रंग के कपड़े हवा को रोकते हैं
[D] काले कपड़ों से शरीर में कंपन कम होता है


[B] गहरा रंग बाह्य तापीय विकिरण (Heat Radiation) का बहुत अच्छा अवशोषक होता है और शरीर को गर्म रखता है – गहरे या काले रंग सौर विकिरण और आसपास की ऊष्मा को बहुत अधिक मात्रा में अवशोषित (Absorb) कर लेते हैं और उसे बाहर नहीं जाने देते। इससे शरीर को अतिरिक्त गर्मी मिलती है, जो सर्दियों में आरामदेह होती है।


Q. गर्मियों के दिनों में काले या गहरे रंग के कपड़ों की बजाय हल्के या सफेद रंग के सूती कपड़े पहनना क्यों अधिक आरामदायक होता है?
[A] सफेद रंग ऊष्मा का अवशोषक होता है
[B] सफेद रंग तापीय विकिरणों का एक उत्कृष्ट परावर्तक होता है
[C] सफेद रंग हवा को तेजी से ठंडा करता है
[D] सफेद कपड़ों से अणुओं की गति धीमी हो जाती है


[B] सफेद रंग तापीय विकिरणों का एक उत्कृष्ट परावर्तक (Good Reflector) होता है – सफेद और हल्के रंग के कपड़े अपने ऊपर पड़ने वाली सूर्य की किरणों और ऊष्मा को परावर्तित (Reflect) कर देते हैं, जिससे शरीर अत्यधिक गर्मी अवशोषित करने से बच जाता है और ठंडा रहता है।


Q. यदि आप ठंड के दिनों में किसी अलाव (कैंपफायर) से थोड़ी दूरी पर बैठकर अपने हाथ सेक रहे हैं, तो ऊष्मा आप तक मुख्य रूप से किस विधि द्वारा पहुँच रही है?
[A] चलन (Conduction)
[B] संवहन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] संचालन

[C] विकिरण (Radiation) – जब हम आग के सामने या किनारे बैठते हैं, तो हवा के संवहन का प्रवाह ऊपर की ओर होता है। इसलिए बगल में बैठे व्यक्ति तक ऊष्मा संवहन से नहीं बल्कि विकिरण (Radiation) के माध्यम से तरंगों के रूप में सीधी रेखा में पहुँचती है।


Q. पारंपरिक थर्मामीटरों में पारा (Mercury) धातु को ही मुख्य संकेतक द्रव के रूप में क्यों चुना जाता है?
[A] पारा ऊष्मा का कुचालक है
[B] पारा अत्यधिक पारदर्शी होता है
[C] पारे का तापीय प्रसार बहुत समान होता है और यह कांच से नहीं चिपकता
[D] पारा बहुत सस्ता और आसानी से उपलब्ध है

[C] पारे का तापीय प्रसार बहुत समान (Uniform Expansion) होता है और यह कांच से नहीं चिपकता – पारा धातु होने के कारण ऊष्मा का अच्छा सुचालक है। इसका प्रसार तापमान के साथ बहुत ही रैखिक और समान (Uniform) होता है। यह कांच की नली की दीवारों पर नहीं चिपकता, जिससे तापमान की रीडिंग लेना बेहद आसान और सटीक होता है।


Q. यदि किसी कमरे के तापमान को 25°C से बढ़ाकर 35°C कर दिया जाए, तो कमरे में उपस्थित वायु के अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
[A] औसत गतिज ऊर्जा घट जाएगी
[B] औसत गतिज ऊर्जा अपरिवर्तित रहेगी
[C] औसत गतिज ऊर्जा बढ़ जाएगी
[D] सभी अणु स्थिर हो जाएंगे

[C] औसत गतिज ऊर्जा बढ़ जाएगी – चूँकि किसी भी प्रणाली का तापमान उसके अणुओं की औसत गतिज ऊर्जा का प्रत्यक्ष पैमाना होता है, इसलिए तापमान बढ़ने पर अणुओं को अधिक तापीय ऊर्जा मिलती है जिससे उनकी औसत गतिज ऊर्जा निश्चित रूप से बढ़ जाती है।


Q. भौतिक विज्ञान के मानकों के अनुसार, ऊष्मा ऊर्जा (Heat Energy) को मापने की अंतरराष्ट्रीय मानक (SI) इकाई क्या है?
[A] कैलोरी (Calorie)
[B] जूल (Joule)
[C] किलोवाट (Kilowatt)
[D] अर्ग (Erg)

[B] जूल (Joule) – ऊष्मा भी ऊर्जा का ही एक रूप है। इसलिए ऊर्जा की भांति ऊष्मा को मापने की अंतरराष्ट्रीय मानक (SI) इकाई भी ‘जूल’ (Joule) ही है। कैलोरी और किलोकैलोरी भी इसके मात्रक हैं, लेकिन वे SI मानक नहीं हैं।


Q. सर्दियों में एक अत्यधिक मोटा ऊनी स्वेटर पहनने की तुलना में पतले ऊनी कपड़ों की दो या अधिक परतें (Layers) पहनना अधिक गर्म क्यों महसूस कराता है?
[A] दो कपड़ों में कुल वजन अधिक होता है
[B] परतों के बीच हवा (Air) की एक स्थिर परत फंस जाती है, जो ऊष्मा की उत्कृष्ट कुचालक होने के कारण शरीर की गर्मी को बाहर नहीं जाने देती
[C] पतले कपड़ों में ऊष्मा का रिसाव बहुत तेज होता है
[D] दो कपड़ों से घर्षण बल दोगुना हो जाता है


[B] परतों के बीच हवा (Air) की एक स्थिर परत फंस जाती है, जो ऊष्मा की उत्कृष्ट कुचालक होने के कारण शरीर की गर्मी को बाहर नहीं जाने देती – कपड़ों की लेयरिंग (परतें) करने से उनके बीच में हवा की एक पतली परत कैद हो जाती है। चूँकि स्थिर हवा ऊष्मा की बहुत बड़ी कुचालक (Bad Conductor) है, यह शरीर की ऊष्मा को बाहर के ठंडे वातावरण में जाने से रोकने के लिए एक अवरोधक का कार्य करती है।


Q. ऊष्मागतिकी का वह कौन सा नियम है जिसे भौतिक विज्ञान में “ऊर्जा संरक्षण का नियम” (Law of Conservation of Energy) भी कहा जाता है?
[A] ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम
[B] ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम
[C] ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम
[D] ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम

[B] ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम (First Law of Thermodynamics) – प्रथम नियम स्पष्ट रूप से ऊर्जा संरक्षण की बात करता है: ऊर्जा न तो उत्पन्न की जा सकती है न नष्ट, केवल बदली जा सकती है। गणितीय रूप से: dQ = dU + dW (दी गई ऊष्मा = आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि + किया गया कार्य)।


Q. न्यूटन के शीतलन नियम (Newton’s Law of Cooling) के तहत समय के साथ गिरते तापमान का ग्राफीय निरूपण कैसा होता है?
[A] एक रैखिक ढाल
[B] एक चरघातांकी गिरावट या उल्टा परवलय
[C] एक परवलय जो ऊपर की ओर बढ़ता है
[D] एक लहरदार वक्र

[B] एक चरघातांकी गिरावट (Exponential Decay) या उल्टा परवलय – चूँकि ठंडे होने की दर पिंड और परिवेश के तापमान के अंतर के समानुपाती होती है, इसलिए जैसे-जैसे अंतर कम होता जाता है, ठंडे होने की गति धीमी होती जाती है। यह ग्राफ पर एक ‘एक्सपोनेंशियल डिके’ (Exponential Decay) प्रदर्शित करता है।


Q. जूल के तापन नियम (H = I^2 × R × t) के अनुसार, यदि किसी चालक तार में प्रवाहित होने वाली विद्युत धारा (I) को दोगुना कर दिया जाए, तो उत्पन्न ऊष्मा (H) कितने गुना बढ़ जाएगी?
[A] दोगुनी
[B] तीन गुनी
[C] चार गुनी
[D] आधी रह जाएगी

[C] चार गुनी (4 Times) – जूल के नियम में उत्पन्न ऊष्मा धारा के वर्ग (I^2) के समानुपाती होती है। यदि धारा को 2 गुना किया जाए, तो ऊष्मा 2^2 = 4 गुना बढ़ जाएगी।


Q. जब जल को 4°C से ठंडा करके 0°C तक लाया जाता है, तो इसके घनत्व (Density) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
[A] जल का घनत्व लगातार बढ़ता है
[B] जल का घनत्व लगातार घटता है
[C] घनत्व पहले बढ़ता है फिर घटता है
[D] घनत्व अपरिवर्तित रहता है

[B] जल का घनत्व लगातार घटता है – 4°C पर पानी का घनत्व अधिकतम होता है। जब पानी को 4°C से और ठंडा करके 0°C की ओर ले जाया जाता है, तो जल का असंगत प्रसार होने के कारण इसका घनत्व घटने लगता है और आयतन बढ़ने लगता है।


Q. जब पानी को 4°C से ठंडा करके 0°C तक बर्फ बनने के लिए छोड़ा जाता है, तो इसके आयतन (Volume) में क्या परिवर्तन होता है?
[A] आयतन घटता है
[B] आयतन बढ़ता है
[C] आयतन स्थिर रहता है
[D] आयतन शून्य हो जाता है


[B] आयतन बढ़ता है (Volume Increases) – पानी का अनोखा गुण है कि 4°C से नीचे जाने पर सिकुड़ने की बजाय यह फैलने लगता है (असंगत प्रसार)। इसलिए जब यह 4°C से 0°C पर बर्फ बनता है, तो इसका आयतन बढ़ जाता है। इसी कारण सर्दियों में पानी की पाइपें फट जाती हैं।


Q. महासागरों या झीलों में विशालकाय बर्फ की चट्टानें (Icebergs) पानी के ऊपर तैरती रहती हैं। इसका मुख्य भौतिक कारण क्या है?
[A] बर्फ का घनत्व पानी के घनत्व से कम होता है
[B] बर्फ का घनत्व पानी से अधिक होता है
[C] समुद्र का पानी बहुत गर्म होता है
[D] बर्फ में तैरने की प्राकृतिक शक्ति होती है


(A) बर्फ का घनत्व पानी के घनत्व से कम होता है – कोई भी वस्तु किसी द्रव पर तभी तैरती है जब उसका घनत्व उस द्रव से कम हो। चूँकि बर्फ का घनत्व (Density of Ice) पानी के घनत्व से कम होता है, इसलिए आइसबर्ग पानी में तैरते रहते हैं (इनका लगभग 10% हिस्सा पानी के बाहर और 90% अंदर होता है)।


Q. ऊष्मागतिकी के उस विशिष्ट प्रक्रम (Process) को क्या कहते हैं जिसमें पूरे घटनाक्रम के दौरान प्रणाली और बाहरी वातावरण के बीच ऊष्मा का कोई आदान-प्रदान (No Heat Transfer) नहीं होता है?
[A] समतापीय प्रक्रम
[B] रुद्धोष्म प्रक्रम
[C] समदाबीय प्रक्रम
[D] समआयतनिक प्रक्रम

[B] रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic Process) – रुद्धोष्म (Adiabatic) प्रक्रम में प्रणाली पूरी तरह से इंसुलेटेड होती है, जिससे न तो बाहर से ऊष्मा अंदर आ सकती है और न ही अंदर की ऊष्मा बाहर जा सकती है (dQ = 0)। थर्मस फ्लास्क में चाय का गर्म रहना इसका आंशिक उदाहरण है।


Q. केल्विन पैमाने पर न्यूनतम संभव तापमान, जिसे ‘परम शून्य ताप’ (Absolute Zero) कहा जाता है, का संख्यात्मक मान क्या होता है?
[A] 273.15 K
[B] -273.15 K
[C] 0 K
[D] -40 K

[C] 0 K – केल्विन स्केल की शुरुआत ही परम शून्य ताप से होती है, जहाँ अणुओं की गतिज ऊर्जा व्यावहारिक रूप से शून्य हो जाती है। केल्विन पैमाने पर इसका मान 0 K होता है, जो सेल्सियस में -273.15°C के बराबर है।


Q. स्वस्थ मनुष्य के शरीर का सामान्य तापमान फारेनहाइट (°F) पैमाने पर कितना दर्ज किया जाता है?
[A] 98.6°F
[B] 37°F
[C] 96.8°F
[D] 100°F

(A) 98.6°F – मानव शरीर का सामान्य तापमान फारेनहाइट स्केल पर बिल्कुल 98.6°F होता है। जब तापमान इससे अधिक जाता है, तो उसे बुखार (Fever) की श्रेणी में माना जाता है।


Q. किसी क्लिनिकल या डॉक्टरी थर्मामीटर में अंकित न्यूनतम और अधिकतम तापमान सीमा (Range) फारेनहाइट पैमाने पर सामान्यतः कितनी होती है?
[A] 32°F से 212°F
[B] 94°F से 108°F (या लगभग 90°F से 120°F)
[C] 0°F से 100°F
[D] 98°F से 110°F

[B] 94°F से 108°F (या लगभग 90°F से 120°F) – क्लिनिकल थर्मामीटर विशेष रूप से केवल मानव शरीर के तापमान रेंज को मापने के लिए डिज़ाइन किए जाते हैं। फारेनहाइट पैमाने पर इसकी मुख्य सीमा 94°F से 108°F के बीच अंकित होती है, क्योंकि मानव शरीर का तापमान कभी इसके बाहर नहीं जाता।


Q. तटीय क्षेत्रों में दिन और रात के समय चलने वाली स्थानीय पवनें (थल समीर व समुद्री समीर) मूलतः ऊष्मा संचरण की किस विधि का उदाहरण हैं?
[A] चलन (Conduction)
[B] संवहन (Convection)
[C] विकिरण (Radiation)
[D] विसरण

[B] संवहन (Convection) – थल और समुद्री समीर का चलना संवहन (Convection) धाराओं का परिणाम है। हवा के गर्म होने पर उसके अणु हल्के होकर ऊपर उठते हैं और उनका स्थान लेने के लिए ठंडी हवा के अणु दौड़ते हैं, जिससे स्थानीय पवनें चलती हैं।


Q. धातुओं (Metals) में ऊष्मा का संचरण गैर-धातुओं (Non-metals) की तुलना में अत्यधिक तीव्र गति से क्यों होता है?
[A] धातुओं का भार अधिक होता है
[B] धातुओं में बड़ी संख्या में स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन होते हैं, जो ऊष्मा को तेजी से आगे बढ़ाते हैं
[C] धातुएँ दिखने में चमकीली होती हैं
[D] गैर-धातुओं में कंपन बिल्कुल नहीं होता

[B] धातुओं में बड़ी संख्या में स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन (Free Electrons) होते हैं, जो ऊष्मा को तेजी से आगे बढ़ाते हैं – धातुओं के क्रिस्टल जाली में बड़ी संख्या में मुक्त या स्वतंत्र इलेक्ट्रॉन (Free Electrons) पाए जाते हैं। जब धातु के एक सिरे को गर्म किया जाता है, तो ये इलेक्ट्रॉन अत्यधिक गतिज ऊर्जा प्राप्त कर पूरे धातु में तेजी से फैलते हैं और ऊष्मा का संचरण करते हैं।


Q. यदि किसी तरल या गाढ़े द्रव (जैसे शहद या तेल) को गर्म किया जाए, तो सामान्यतः उसकी श्यानता (Viscosity / गाढ़ापन) पर क्या प्रभाव पड़ता है?
[A] श्यानता बढ़ जाती है
[B] श्यानता घट जाती है
[C] श्यानता अपरिवर्तित रहती है
[D] द्रव तुरंत ठोस बन जाता है

[B] श्यानता घट जाती है (Viscosity Decreases) – किसी द्रव को गर्म करने पर उसके अणुओं की तापीय ऊर्जा बढ़ जाती है। इससे अणुओं के बीच काम करने वाला अंतरा-अणुक आकर्षण बल कमजोर हो जाता है। परिणामस्वरूप अणुओं का आपसी घर्षण (श्यानता) कम हो जाता है और द्रव अधिक पतला व बहने योग्य हो जाता है।


Q. विद्युत उपकरणों की क्षमता या शक्ति (Power) को सामान्यतः किस मात्रक में दर्शाया जाता है, जो ऊष्मा के मात्रक (जूल) से भिन्न है?
[A] किलोकैलोरी
[B] वॉट या किलोवॉट
[C] एम्पियर
[D] केल्विन

[B] वॉट या किलोवॉट (Watt or Kilowatt) – विद्युत उपकरणों की कार्य करने की दर या शक्ति (Power) को वॉट (W) या किलोवॉट (kW) में मापा जाता है (1 किलोवॉट = 1000 वॉट)। वहीं ऊष्मा ऊर्जा का मात्रक है जिसे जूल या कैलोरी में मापा जाता है।


Q. ऊष्मागतिकी के उस प्रक्रम को क्या कहते हैं जिसमें पूरे प्रक्रम के दौरान निकाय का दाब (Pressure) हमेशा स्थिर (Constant Pressure) रहता है?
[A] समतापीय प्रक्रम
[B] समदाबीय प्रक्रम (Isobaric Process)
[C] समआयतनिक प्रक्रम
[D] रुद्धोष्म प्रक्रम

[B] समदाबीय प्रक्रम (Isobaric Process) – स्थिर दाब पर होने वाले किसी भी भौतिक या रासायनिक परिवर्तन को समदाबीय प्रक्रम (Isobaric Process) कहते हैं। इस प्रक्रम के दौरान निकाय का दाब अपरिवर्तित रहता है।


Q. भौतिक विज्ञान की वह शाखा जो ऊष्मा, तापमान और उनके अन्य प्रकार की ऊर्जाओं में रूपांतरण व संबंधों का गहन अध्ययन करती है, उसे क्या कहते हैं?
[A] ध्वनिकी (Acoustics)
[B] प्रकाशिकी (Optics)
[C] ऊष्मागतिकी (Thermodynamics)
[D] सापेक्षता (Relativity)

[C] ऊष्मागतिकी (Thermodynamics) – भौतिक विज्ञान की वह शाखा जो ऊष्मा (Heat), तापमान (Temperature) और ऊर्जा के विभिन्न रूपों में होने वाले पारस्परिक संबंधों व कार्यों का अध्ययन करती है, उसे ‘ऊष्मागतिकी’ (Thermodynamics) कहा जाता है।


Q. तापमान का सेल्सियस (°C) पैमाना मूल रूप से किस देश के प्रसिद्ध खगोलशास्त्री के नाम पर रखा गया है जिन्होंने 1742 में इसका प्रस्ताव दिया था?
[A] डेनमार्क के डेनियल फारेनहाइट
[B] स्वीडन के एंडर्स सेल्सियस
[C] ब्रिटेन के लॉर्ड केल्विन
[D] जर्मनी के विल्हेम वेबर

[B] स्वीडन के एंडर्स सेल्सियस (Anders Celsius) – तापमान का डिग्री सेल्सियस (°C) पैमाना स्वीडिश खगोलशास्त्री एंडर्स सेल्सियस (Anders Celsius) के सम्मान में रखा गया है। उन्होंने 1742 में इस पैमाने को विकसित किया था, जिसे शुरुआत में ‘सेंटीग्रेड’ कहा जाता था।


Q. ऊष्मागतिकी का वह कौन सा नियम है जिसके अनुसार: “यदि दो निकाय किसी तीसरे निकाय के साथ तापीय साम्यावस्था में हैं, तो वे आपस में भी तापीय साम्यावस्था में होंगे”?
[A] ऊष्मागतिकी का प्रथम नियम
[B] ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम
[C] ऊष्मागतिकी का द्वितीय नियम
[D] ऊष्मागतिकी का तृतीय नियम

[B] ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law of Thermodynamics) – ऊष्मागतिकी का शून्यवाँ नियम (Zeroth Law) तापमान की मूलभूत परिभाषा और थर्मामीटर के कार्य करने का आधार है। यह दो प्रणालियों के बीच तापीय साम्यावस्था (Thermal Equilibrium) के पारस्परिक संबंध को स्पष्ट करता है।


Q. सर्दियों के मौसम में, एक ही कमरे में रखी लोहे की कुर्सी और लकड़ी की कुर्सी में से लोहे की कुर्सी छूने पर अधिक ठंडी क्यों महसूस होती है?
[A] लोहे की कुर्सी का तापमान लकड़ी की कुर्सी से बहुत कम होता है
[B] लोहा ऊष्मा का बहुत अच्छा सुचालक है, जिससे वह हमारे हाथ से ऊष्मा को बहुत तेजी से अवशोषित (Conduct) कर लेता है
[C] लकड़ी की कुर्सी ऊष्मा का अवशोषण अधिक करती है
[D] लोहे में स्थितिज ऊर्जा अधिक होती है

[B] लोहा ऊष्मा का बहुत अच्छा सुचालक है, जिससे वह हमारे हाथ से ऊष्मा को बहुत तेजी से अवशोषित (Conduct) कर लेता है – कमरे में रखी दोनों कुर्सियों का तापमान बिल्कुल समान होता है (क्योंकि वे एक ही परिवेश में हैं)। लेकिन लोहा ऊष्मा का सुचालक होने के कारण हमारे हाथ से ऊष्मा को बहुत तेजी से खींच लेता है, जिससे हमें लोहा छूने पर अत्यधिक ठंडा महसूस होता है। लकड़ी कुचालक होने के कारण ऐसा नहीं करती।


भौतिक विज्ञान में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर

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