कंप्यूटर का विकास क्रम (Timeline of Computer History) – यहां कंप्यूटर का इतिहास और विकास (Development of Computer) के अंतर्गत प्राचीन 3000 ईसा पूर्व बेबीलोन से लेकर वर्तमान आधुनिक कंप्यूटर का विकास क्रम (Computer History Timeline in Hindi) की वर्षवार महत्वपूर्ण जानकारी दी गई है।

कंप्यूटर का विकास क्रम (Computing History Timeline)
विषय
- कंप्यूटर का विकास क्रम (Computing History Timeline)
- Short Summary of History of Computer Timeline
- The Abacus (1450 BC)
- Napier Bones (1600 AD)
- Pascaline (1642 AD)
- Multiplying Machine (1692 AD)
- Jacquard loom Machine (1800 AD)
- Charles Babbage’s Difference Engine (1813 AD)
- Aritmometer (1862 AD)
- Analytical Engine (1863 AD)
- Tabulating Machine [Census Tabulator] (1896 AD)
- Atanasoff–Berry Computer [ABC)] (1936 AD)
- MARK -I (1944 AD)
- Colossus Computer (1943 AD)
- Stored Program Concept (1945 AD)
- ENIAC (1948 AD)
- EDVAC (1947 AD)
- UNIVAC (1951 AD)
- IBM 650 (1953 AD)
- FORTRAN (1957 AD)
- Integrated Circuit [IC] (1958 AD)
- COBOL (1960 AD)
- BASIC (1965 AD)
- Global Internet (1969 AD)
- Programmable Chip (1971 AD)
- Ethernet (1975 AD)
- Apple I (1976 AD)
- Spreadsheet Program (1979 AD)
- DOS Operating System (1980 AD)
- IBM PC (1981 AD)
- Compact Ink (1982 AD)
- LOTUS 1-2-3 (1983 AD)
- Laserjet Printer (1984 AD)
- Intel 80386 (1987 AD)
- Intel 486 (1988 AD)
- World Wide Web [WWW] (1991 AD)
- Windows Operating System (1992 AD)
- Web Browser (1993 AD)
- NETSCAPE (1994 AD)
- MS Windows 95 (1995 AD)
- Internet Explorer/ Pentium Processor (1997 AD)
- MS Windows 98 (1998 AD)
- MS Office 2000 (1999 AD)
- MS Windows ME (2000 AD)
- Windows XP/ E-books (2001 AD)
- Dot Net/DVD Rw (2002 AD)
- Keyboard/Mouse/Touch Screen (2003 AD)
- LINUX/ UNIX Operating System (2004 AD)
- iPad/ Xbox 360/ Smartphone (2005 AD)
- Windows Vista OS (2006 AD)
- WiFi (Wireless Fidelity)
- Bluetooth (ब्लूटूथ)
कम्प्यूटर का इतिहास और विकास – प्राचीन गणना यंत्र (Abacus) से लेकर पहला कंप्यूटर निर्माण (First Invention of Computer) के साथ वर्तमान आधुनिक कंप्यूटर (Modern Computer System) का विकास क्रम संबंधी वर्षवार जानकारी इस प्रकार है:-
| समय | विकास |
|---|---|
| 1450 BC | The Abacus |
| 1600 AD | Napier Bones |
| 1642 AD | Pascaline |
| 1692 AD | Multiplying Machine |
| 1800 AD | Jacquard loom Machine |
| 1813 AD | Charles Babbage’s Difference Engine |
| 1862 AD | Aritmometer |
| 1863 AD | Analytical Engine |
| 1896 AD | Tabulating Machine (Census Tabulator) |
| 1936 AD | Atanasoff–Berry Computer (ABC) |
| 1944 AD | MARK -I |
| 1943 AD | Colossus Computer |
| 1945 AD | Stored Program Concept |
| 1948 AD | ENIAC |
| 1947 AD | EDVAC |
| 1951 AD | UNIVAC |
| 1953 AD | IBM 650 |
| 1957 AD | FORTRAN |
| 1958 AD | Integrated Circuit (IC) |
| 1960 AD | COBOL |
| 1965 AD | BASIC |
| 1969 AD | Global Internet |
| 1971 AD | Programmable Chip |
| 1975 AD | Ethernet |
| 1976 AD | Apple I |
| 1979 AD | Spreadsheet Program |
| 1980 AD | DOS Operating System |
| 1981 AD | IBM PC |
| 1982 AD | Compact Ink |
| 1983 AD | LOTUS 1-2-3 |
| 1984 AD | Laserjet Printer |
| 1987 AD | Intel 80386 |
| 1988 AD | Intel 486 |
| 1991 AD | World Wide Web (WWW) |
| 1992 AD | Windows Operating System |
| 1993 AD | Web Browser |
| 1994 AD | NETSCAPE |
| 1995 AD | MS Windows 95 |
| 1997 AD | Internet Explorer/ Pentium Processor |
| 1998 AD | MS Windows 98 |
| 1999 AD | MS Office 2000 |
| 2000 AD | MS Windows ME |
| 2001 AD | Windows XP/ E-books |
| 2002 AD | Dot Net/DVD Rw |
| 2003 AD | Keyboard/Mouse/Touch Screen |
| 2004 AD | LINUX/ UNIX Operating System |
| 2005 AD | iPad/ Xbox 360/ Smart Phone |
| 2006 AD | Windows Vista OS |
| WiFi (Wireless Fidelity) | – |
| Bluetooth (ब्लूटूथ) | – |
Short Summary of History of Computer Timeline
अबेकस से वर्तमान तक कंप्यूटर के इतिहास का संक्षिप्त सारांश (Short Summary of History of Computer from Abacus to Present) निम्नानुसार है:-
The Abacus (1450 BC)
अबेकस (Abacus), एक प्राचीन गणना यंत्र है, जिसका आविष्कार प्राचीन बेबीलोन में अंकों की गणना के लिये किया गया था। इसे संसार का प्रथम गणना यंत्र (First Counting Machine) कहा जाता है।
इसमें तारों में गोलाकार मनके पिरोयी जाती है, जिसकी सहायता से गणना (Calculation) को आसान बनाया गया।
Napier Bones (1600 AD)
नैपीयर बोन्स, यह दूसरा गणना यंत्र है, जिसका आविष्कार एक स्काॅटिश गणितज्ञ ‘जाॅन नैपीयर‘ (John Napier) ने किया था।
Pascaline (1642 AD)
फ्रांस के गणितज्ञ ब्लेज पास्कल (Blaise Pascal) ने 162 में ‘प्रथम यांत्रिक गणना मशीन’ (First Mechanical Counting Machine) का आविष्कार किया। यह केवल जोड़ व घटा सकती थी।
अतः इसे ‘Adding machine’ (एडिंग मशीन)’ भी कहा जाता था। इसको ‘Pascaline (पास्कलाइन)‘ भी कहा गया है। जब ब्लेज पास्कल ने यह मशीन का निर्माण किया, तब वह केवल 19 वर्ष के थे।
Multiplying Machine (1692 AD)
गोटरीड लेबनीज जर्मनी गोटरीड ने पास्कल मशीन (Pascaline) को और बेहतर बनाया। जिससे गुणा, भाग भी हो सकता था।
गोटरीड ने सर आइजक न्यूटन (Isaac Newton) के साथ काम करके गणित के कैलकुलस का विकास (Development of Calculus) किया था।
इनके द्वारा विकसित कैलकुलेटर की मदद से आसानी से जोड़, गुणा, भाग और घटाव किया जा सकता है।
Jacquard loom Machine (1800 AD)
उन्नीसवीं सदी के शुरू में फ्रांस में जोसेफ जैकुआर्ड (Joseph Marie Jacquard) ने एक प्रोग्राम किया जाने वाला लुम (loom) बनाई । जो बड़े-बड़े कार्ड जिनमें छेद पंच किया गया था।
जिसमें Punch Card का प्रयोग से आसानी से पैटर्न बनायी जा सकती थी। यह 20 से 25 वर्ष पहले तक इस्तेमाल किया जा रहा था।
Charles Babbage’s Difference Engine (1813 AD)
उन्नीसवीं सदी के शुरू से ही चार्ल्स बैवेज (Charles Babbage’s) एक मशीन बनाने का काम कर रहे थे, जो जटिल गणनाएं कर सकता था। सन् 1813, इंग्लैड में उन्होंने डिफरेंस इंजन (Difference Engine) का विकास किया।
चार्ल्स बैवेज डिफरेंस इंजन, जो भाप द्वारा चलता था। इस पर गणनाओं का प्रिंट (Print) भी किया जा सकता था।
Aritmometer (1862 AD)
फ्रांस यह पहला कैलकुलेटर (First Calculator) था, जिसका व्यावसायिक उपयोग किया गया था। इसका निर्माण फ्रांस के चार्ल्स जेवियर थाॅमस (Charles Xavier Thomas) ने किया था।
इनको लंदन के एक प्रदर्शनी में स्पर्ण पदक भी मिला था। यह मशीन मूलभूत अंकगणितीय गणनाएं (जोड़, घटाव, गुणा और भाग) आसानी से कर सकती थी।
Analytical Engine (1863 AD)
चार्ल्स बैवेज ने एक स्वचालित मशीन Analytical Engine बनाया। जो पंचकार्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य करती थी तथा मूलभूत अंकगणितीय गणनाएं (जोड़, घटाव, गुणा एवं भाग) कर सकती थी।
लेडी एडा आगस्टा (Lady Ada Augusta) ने Analytical Engine में पहला Program डाला। अतः उन्हें दुनिया का प्रथम प्रोग्रामर (First Computer Programmer) भी कहा जाता है।
उन्हें दो अंकों की संख्या प्रणाली बाइनरी प्रणाली (Binary System) के आविष्कार का श्रेय भी जाता है।
चार्ल्स बैवेज (Charles Babbage) को कम्प्यूटर के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘आधुनिक कम्प्यूटर विज्ञान का जनक‘ (Father of Computer) कहा जाता है।
Tabulating Machine [Census Tabulator] (1896 AD)
सन् 1896 में अमेरिका के वैज्ञानिक हर्मन होलेरिथ (Hermann Hollerith) ने इस विद्युत चालित यंत्र का आविष्कार किया। जिसका प्रयोग अमेरिकी जनगणना (US Census) में किया गया।
इन्हें पंचकार्ड के आविष्कार (Punch Card Invention) का श्रेय भी दिया जाता है।
Atanasoff–Berry Computer [ABC)] (1936 AD)
सन् 1939 में Dr. John V. Atanasoff और Clifford Berry नामक वैज्ञानिकों ने मिलकर संसार का पहला ‘इलेक्ट्रानिक डिजिटल कम्प्यूटर‘ (First Automatic Electronic Digital Computer) का आविष्कार किया। इन्हीं के नाम पर ही इसे एबीसी (ABC Computer) का नाम दिया गया है।
MARK -I (1944 AD)
सन् 1937 से 1944 के बीच आईबीएम नामक कंपनी के सहयोग तथा वैज्ञानिक हाॅवर्ड आइकेन (Howard H. Aiken) के निर्देशन में विश्व का प्रथम पूर्ण स्वचालित विद्युत यांत्रिक गणना यंत्र (Automatic Electro-Mechanical Counting Machine) का आविष्कार किया गया। इसे MARK -I (मार्क 1) नाम दिया गया है।
यह आंशिक रूप से इलेक्ट्राॅनिक भार मैकेनिकल मशीन है। यह बहुत बड़ा था, जिसकी ऊँचाई 8 फीट और लंबाई 55 फीट थी। इसे गुणा का काम करने में इसे 3 से 5 सेकेण्ड का समय लगता था।
Colossus Computer (1943 AD)
द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश वैज्ञानिक डाॅ एलन ट्यूरिंग (Alan Turing) ने काॅलोसस नामक कम्प्यूटर (Colossus Computer) अपने देश की फौज के लिए डिजाइन किया। ताकि, जर्मनी के गुप्त संदेशों को समझा जा सके।
इस कोलोसस कम्प्यूटर (Colossus Computer) के अस्तित्व को 1970 के दशक तक छिपाकर रखा गया था।
Stored Program Concept (1945 AD)
डॉ. जॉन वॉन न्यूमैन ने Stored-Program Concept को कागज पर तैयार किया था। Memory में आंकड़े और प्रोग्राम स्टोर करने की उनकी तरकीब ने भविष्य के डिजिटल कम्प्यूटर के निर्माण (Digital Computer Invention) की नींव बनी।
ENIAC (1948 AD)
सन् 1946 में अमेरिकी वैज्ञानिक डाॅ. जे.पी.एकर्ट (J. Presper Eckert) और जॉन मौचली (John William Mauchly) ने आम आदमी के उपयोग के लिए पहले बड़े पैमाने के Digital Computer को बनाने का काम पूरा किया।
एनिएक (ENIAC) नामक इस कम्प्यूटर का वजन 3 टन था और इसमें 18000 Vacuum Tube लगी हुई थी। 30 बटा पचास फूट की जगह घेरने वाला यह कम्प्यूटर 160 किलोवाट बिजली से चलता था।
जब पहली बार इस कम्प्यूटर को चलाया गया, तो पूरे फिलेडेल्फिया क्षेत्र (अमेरिका) की बिजली मंद हो गयी थी।
ENIAC का पूरा नाम (Full Form) ‘Electronic Numerical Integrator and Computer’ होता है।
EDVAC (1947 AD)
एनिएक (ENIAC) कम्प्यूटर में प्रोग्राम में परिवर्तन करना जटिल था। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी, इंग्लैंड में इससे निपटने के लिए डाॅ. वॉन न्यूमैन ने संग्रहित प्रोग्राम की अवधारणा (Stored-Program Concept) दी तथा एडवैक (EDVAC) का विकास किया।
आधुनिक कम्प्यूटर के विकास में सर्वाधिक योगदान अमेरिका के डाॅ. वाॅन न्यूमेन (Dr. Von Neumann) का है। उन्हें डाटा (Data) और अनुदेश (Information) दोनों को बाइनरी प्रणाली (0 और 1) में संग्रहित करने का श्रेय दिया जाता है।
EDVAC का पूरा नाम (Full Form) ‘Electronicu Discrete Variable Automatic Computer’ होता है।
UNIVAC (1951 AD)
यूनीवैक (UNIVAC), यह प्रथम कम्प्यूटर था, जिसका उपयोग व्यापारिक और अन्य सामान्य कार्यो के लिए किया गया।
प्रथम व्यापारिक कम्प्यूटर यूनीवैक-1 (UNIVAC-I) का निर्माण 1954 में GEC (General Electric Corporation) ने किया था।
UNIVAC का पूरा नाम (Full Form) ‘Universal Automatic Computer’ होता है।
IBM 650 (1953 AD)
IBM कंपनी का माॅडल नंबर IBM 650 उन शुरूआती माॅडलों में से एक था। जिसका बड़ी संख्या में लोगों ने उपयोग किया।
पहले आईबीएम की योजना इस माॅडल के 50 कम्प्यूटर निर्मित करने की थी, लेकिन इसकी सफलता को देखते हुए 1000 से भी ज्यादा IBM 650 माॅडल बनाया गया।
FORTRAN (1957 AD)
सन् 1957 में, जाॅन बैकस (John Backus) ने आसानी से इस्तेमाल की जाने वाली Programming Language ‘फोरटाॅन (FORTRAN)‘ की शुरूआत किया।
विश्व का पहला उच्च स्तरीय भाषा (High Level Language) है। FORTRAN का पूरा नाम (full form) ‘Formula Transaction’ होता है।
Integrated Circuit [IC] (1958 AD)
12 सितम्बर 1958 में, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स के जैक किल्बी (Jack St. Clair Kilby) ने इंटिग्रेटेड सर्किट (IC -Integrated Circuit) का आविष्कार किया।
जिसके आधार पर ज्यादा क्षमता वाली Memory और High Speed के कम्प्यूटर निर्माण की नींव बनी।
एकीकृत परिपथ (IC), जो अर्द्धचालक पदार्थ (Semiconductor Material) से बना होता है। जिसमे एक छोटे सर्किट में बहुत सारे Transistor लगे होते है।
COBOL (1960 AD)
यह दूसरी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (भाषा) है। जिसे डाॅ. ग्रेस हॉपर (Grace Murray Hopper) की अध्यक्षता में बनी समिति ने बिजनेस की उच्च स्तरीय भाषा (High Level Language), कोबोल (COBOL) का विकास किया।
COBOL का पूरा नाम (Full Form) ‘Common Business Oriented Language’ होता है। जिसका निर्माण/विकास Business Purpose के लिये किया गया था।
BASIC (1965 AD)
डार्टमाउथ के जाॅन केमेनी (John Kemeny) और थाॅमस कुर्टज (Thomas Kurtz) ने प्रोग्रामिंग भाषा ‘बेसिक’ (BASIC) को विकसित किया। जिसका उपयोग निजी कम्प्यूटरों में बड़े पैमाने पर किया गया।
BASIC, पर्सनल कंप्यूटर का पहला उच्च स्तरीय भाषा (First High Level Language) है। जिसका इस्तेमाल बाज़ार बड़े पैमाने पर Time Sharing System में बतौर Interface किया जाता है।
Digital Equipment Corporation (DEC) ने पहला छोटा कम्प्यूटर, पीडीपी 8 (PDP-8 Minicomputer) बाजार में उतारा।
BASIC का पूरा नाम (Full Form) ‘Beginners All Purpose Symbolic Instruction Code’ होता है।
Global Internet (1969 AD)
संयुक्त राज्य (US) के रक्षा विभाग के अंतर्गत एआरपीए द्वारा एआरपीएएनईटी (Advanced Research Projects Agency Network) का विकास हुआ।
जोकि विश्व का पहला Operational Packet Switching Network था और ग्लोबल इंटरनेट (Global Internet) के पूर्वज भी।
Programmable Chip (1971 AD)
इंटेल कंपनी (Intel Corporation) के डाॅ. टेड हाॅफ (Marcian “Ted” Hoff) ने छोटे प्रोसेसर यानी कि माइक्रो प्रोग्रामेबल कम्प्यूटर चिप, इंटेल 4004 (Intel 4004) का विकास/आविष्कार किया।
Ethernet (1975 AD)
जिराॅक्स पीएआरसी (Palo Alto Research Center) में कार्यरत रॉबर्ट मेटकॉफ (Robert Melancton Metcalfe) ने पहले स्थानीय नेटवर्क अर्थनेट (Ethernet) का विकास/आविष्कार किया।
LAN की मदद से विभिन्न कम्प्यूटर आपस में आंकड़े, साॅफ्टवेयर इत्यादि से बांट पाते है।
Apple I (1976 AD)
Steve Jobs और Steve Wozniak ने एप्पल का पहला कम्प्यूटर (First Apple Computer) बनाया/आविष्कार किया। जिसे Apple I का नाम दिया गया। इसके तुरंत बाद Apple II का विकास हुआ, जो बेहद सफल रहा।
Spreadsheet Program (1979 AD)
डॉन ब्रिकलिन (Dan Bricklin) और बॉब फ्रैंकस्टन (Bob Frankston) द्वारा संयुक्त रूप से बनाया गया विसिकाॅल्क (VisiCalc) नामक एक Spreadsheet Program बाजार में लाया गया/बनाया।
VisiCalc Spreadsheet Program ने व्यापार जगत में पर्सनल कम्प्यूटर (PC) के इस्तेमाल को लोकप्रियता दिलायी।
DOS Operating System (1980 AD)
MS-DOS का शुरुआत नाम 86-DOS से जाना जाता था। डॉस (Dos) का आविष्कार/निर्माण Tim Peterson ने किया था।
जो Seattle computer product से अधिकृत/अधिकार था, जिसे माइक्रोसॉफ्ट ने खरीद लिया और MS-DOS 1.0 से बाज़ार में लाया।
अगस्त 1981 में MS-DOS 1.0 का पहला वर्जन। दूसरा वर्जन अगस्त 1982 में MS-DOS 1.25 एवं तीसरा वर्जन अप्रैल 1986 में MS-DOS 3.2 जारी किया गया था।
MS-DOS 3.1 के लिए MS-DOS 3.0 और IBM PC AT, Microsoft Network के लिए पेश करता है।
आइबीएम ने Microsoft Corporation के सह-संस्थापक, बिल गेट्स (Bill Gates) को बाजार में जल्द उतारे जाने वाले अपने पर्सनल कम्प्यूटर (PC) के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम (MS Operating system) को विकसित करने का मौका दिया।
एमएस डाॅस (MS Dos) की सफलता की बदौलत माइक्रोसाॅफ्ट कंपनी का काफी विकास/सफलता प्राप्त हुआ।
IBM PC (1981 AD)
पर्सनल कम्प्यूटर बाजार में उतरते हुए आईबीएम ने अपना पहला पीसी (IBM PC) प्रदर्शित किया।
Compact Ink (1982 AD)
आइबीएम के पर्सनल कम्प्यूटरों को विकसित करने और विपणन करने के लिए Compaq Inc. (American Information Technology Company) की स्थापना हुई थी।
Hayes (First Modem Major Brand) ने 300 bit/s रफ्तार वाला पहला छोटा माॅडम (Smart Modem) निकाला जो बेहद सफल रहा।
LOTUS 1-2-3 (1983 AD)
लोटस डेवलपमेंट कारपोरेशन की स्थापना हुई। Lotus Software (अब आइबीएम का हिस्सा है) के स्प्रेडशीट प्रोग्राम लोटस 1-2-3 (Lotus 1-2-3), ने आइबीएम के पर्सनल कम्प्यूटरों को पहली बड़ी सफलता दिलायी।
इस स्प्रेडशीट प्रोग्राम की कामयाबी की बदौलत आइबीएम ने कॉर्पोरेट जगत में अपने लिए खास जगह बनायी।
Laserjet Printer (1984 AD)
ह्यूलेट-पैकर्ड (HP- Hewlett-Packard) ने अपने पर्सनल कम्प्यूटर के लिए पहले LaserJet Printer लाने की घोषणा किया था।
एप्पल ने मैकिन्टोश (Macintosh Computer) नामक कम्प्यूटर बाजार में उतारा। जिसमें आसानी से सीखे जा सकने वाले Graphical User Interface बनाया।
Intel 80386 (1987 AD)
कई पर्सनल कम्प्यूटर इस समय आए जो छोटे प्रोससर, इंटेल 80386 (Intel 80386 Processor) ये युक्त थे।
Intel 486 (1988 AD)
इंटेल 486, विश्व का ऐसा पहला प्रोसेसर बना। जिसमें 1000000 ट्रांजिस्टर लगे थे। इंटेल 1486 (486 या 80486 के नाम से भी जाना जाता है) 32 बिट स्केलर इंटेल सीआइएससी माइक्रोप्रोससर था, जो कि इंटेल 486 का हिस्सा था।
World Wide Web [WWW] (1991 AD)
विश्वव्यापी जाल यानि कि वर्ड वाइड वेब (‘www’ or ‘The web’) कंस्र्टियस ने उन मानदंडो को जारी किया। जिसमें विभिन्न कम्प्यूटरों के Documents को आपस में जोड़ने का खाका तैयार किया था।
WWW (world wide web) का आविष्कार सन् 1989 में अंग्रेज कम्प्यूटर वैज्ञानिक ‘टिम बर्नर्स ली’ ने एक कम्प्यूटर सिस्टम की इंफोर्मेशन दूसरे स्थान पर सूचना भेजने विषय पर ′इंफॉरमेशन मैनेजमेंट- ए प्रपोजल′ रिसर्च पेपर तैयार किया और पहला वेब पेज ब्राउज़र (First Web Page) बनाया। जिसे World Wide Web के नाम से जाना जाता है।
Windows Operating System (1992 AD)
माइकोसाफट ने विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम के अंतर्गत विंडोज 3.1 (Windows 3.1) की श्रृंखला बाजार में उतारी। इसमें ट्रू टाईप फाॅन्ट्स, मल्टीमीडिया, ऑब्जेक्ट लिंकिंग और इम्बेडिंग जैसे आयाम जोड़े गये थे।
Web Browser (1993 AD)
मार्क एंड्रेसन (Marc Andreessen) ने ग्राफिक्स युक्त मोसाइक (NCSA Mosaic) नामक Web Browser का आविष्कार किया। इसकी सफलता से Netscape Communication Corporation संगठित हुआ था।
NETSCAPE (1994 AD)
Jim Clarke और Mark Andreessen ने Netscape की स्थापना किया और वर्ड वाइड वेब के ब्राउजर नेटस्केप नेविगेटर 1.0 (Netscape Navigator 1.0) को लाॅच किया।
MS Windows 95 (1995 AD)
ऑपरेटिंग सिस्टम को बेहतर बनाते हुए Microsoft ने Windows 95 बनाया। विडोज 95 खासतौर से आम उपभोक्ता (User) के लिए तैयार किया गया ग्राफिक्स युक्त इंटरफेस आधारित GUI Operating System है।
Internet Explorer/ Pentium Processor (1997 AD)
Microsoft ने Internet Explorer 4.0 की बदौलत इंटरनेट जगत में खास पहचान बनायी। Intel ने 7.5 मिलियन ट्रांजिस्टर्स से युक्त Pentium II processor को लेकर आया।
MS Windows 98 (1998 AD)
Microsoft ने Windows 95 में बदलाव किये और Windows 98 जारी किया। Windows 98 से कम्प्यूटर का प्रदर्शन बेहतर होने के साथ साथ यह इंटरनेट की दृष्टि से भी अच्छा साबित हुआ।
इसकी खात बात यह भी थी कि यह नयी पीढ़ी के Hardware और Software के अनुकूल था।
एप्पल ने अपने लोकप्रिय कम्प्यूटर, मेकिन्टोश (Macintosh Computer) का अगला संस्करण, Apple iMac निकाला।
MS Office 2000 (1999 AD)
Intel ने मल्टीमीडिया की बेहतर क्षमता वाला प्रोसेसर, ‘Pentium III’ का निर्माण किया। Microsoft ने ऑफिस 2000 (Office 2000) को बाजार में लाॅच किया।
MS Windows ME (2000 AD)
Microsoft ने Windows 2000 और Windows ME को लाॅच किया। Office 2000 सुरक्षा और निर्भरता की दृष्टि से पुराने संस्करण के मुकाबले बेहतर था।
Windows ME के नाम से जाना जाने वाला Windows Millennium, 16 बिट/32 बिट की क्षमता वाला ग्राफिक युक्त ऑपरेटिंग सिस्टम (GUI Operating System) है। जिसे मुख्य रूप से घरेलू उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया गया था।
Intel ने Pentium IV प्रोसेसर की चिप का निर्माण किया, जो 1.4 गीगाहर्ट्ज से शुरू होने वाली Clock Speed से युक्त था।
Windows XP/ E-books (2001 AD)
कम्प्यूटर पर पढ़ी जाने वाली डिजिटल किताबों यानी कि ई-बुक्स (eBook) का जन्म हुआ। Microsoft ने Operating System में भारी बदलाव करते हुए Desktop और Servers के लिए Windows XP निकाला।
Microsoft ने उसके बाद Office XP निकाला, जो नए जमाने के रिजल्ट देने वाले साॅफटवेयरों की तरह है।
Dot Net/DVD Rw (2002 AD)
Microsoft ने Dot Net (.Net) की काॅन्सेप्ट को लांच किया। जिसका इस्तेमाल वेब पर आधारित सेवाओं के Software Application को विकसित करने और चलाने के लिए किया गया।
CD Writer की जगह DvD Writer ने ले ली। DvD में CD के मुकाबले आठ गुना ज्यादा Data Store करने की क्षमता होती है।
Keyboard/Mouse/Touch Screen (2003 AD)
तार रहित कम्प्यूटर और अन्य उपकरण जैसे Keyboard, mouse, Home Network और Internet आजकल आम चीजें हो गई है।
मौजूदा ऑपरेटिंग सिस्टम WiFi और Bluetooth दोनों के लिए अनुकूल है।
कम्प्यूटर निर्माताओं ने Smart Display बनाने शुरू कर दिये है। Smart Display हल्के वजन वाले टच स्क्रीन माॅनीटर होते हैं। जिससे आप Personal Computer को बिना तार के इस्तेमाल किये कहीं भी चला सकते हैं।
LINUX/ UNIX Operating System (2004 AD)
भारी भरकम CRT Monitor के बदले कम्प्यूटर उपभोक्ता Flat Panel वाले LCD Monitor का इस्तेमाल करने लगे। Apple Computer ने पतली स्क्रीन वाली iMac G5 नामक कम्प्यूटर बाजार में लाये। इनकी System Unit माॅनीटर में ही लगी हुई थी।
Server के बाजार में Microsoft Windows, Sun Solaris और Unix Operating System के विकल्प के रूप में Linux Operating System ने अपनी जगह बनायी।
iPad/ Xbox 360/ Smartphone (2005 AD)
Apple ने जेब में समा जाने वाला iPad Audio Player निकाला। Microsoft ने Xbox 360 नाम का Game Console निकाला। मोबाइल उपकरण के रूप में लोग PDF, मोबाइल के बदल Smart Phone ज्यादा पसंद करने लगे।
जहाँ Smart Phones, Cellular Phones जो Email, Web Browser, Song, Video Games, Inbuilt Camera और व्यक्तिगत सूचना प्रबंधन जैसी सुविधाओं से युक्त होता है।
Windows Vista OS (2006 AD)
MIcrosoft ने Office का नया संस्करण पेश किया। Intel ने छोटे प्रोसेसरों की नयी श्रृंखला, Pentium IV पेश की। Microsoft ने Operating System, Windows Vista का नया संस्करण बाजार में लाया।
Windows Vista OS विश्व के सबसे लोकप्रिय वेब ब्राउजर Internet Explorer 7 से युक्त होता है।
Apple ने Intel processor लगे हुए Macintosh Computer बेचने शुरू कर दिये।
IBM ने सबसे तेज गति से काम करने वाले IBM Blue Gene/L – IBM100 नामक Super Computer का निर्माण किया। इसमें पलक झपकते ही लगभग 28 ट्रिलियन गणनाएं करने की क्षमता होती है।
WiFi (Wireless Fidelity)
वाईफाई, Wifi Aliens का एक Trademark है। वाई-फाई (Wi-Fi) एक ऐसा डिवाइस है। जिसे PC, Video Game Console, Smart Phone, Digital Audio Player को आप Internet से Connect कर सकते है। जब आप Wireless Network की सीमा में होते हैं।
Bluetooth (ब्लूटूथ)
ब्लूटूथ एक Open Wireless Protocol है। जिसकी सहायता से आप Data को एक डिवाइस से दूसरे डिवाइस पर Transfer कर सकते है। यह 100 मीटर की सीमा में ही उपयोगी होती है।
जैसे– डिवाइस1 (मोबाइल): डिवाइस2 (मोबाइल)
डिवाइस1 (मोबाइल): डिवाइस2 (पीसी)
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