राष्ट्रमंडल खेल (1930-2026): इतिहास, भारत और ‘ग्लासगो 2026’ के बड़े बदलाव (Glasgow CWG 2026 Notes) – कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (23वें राष्ट्रमंडल खेल) का आयोजन ग्लासगो, स्कॉटलैंड में 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक किया गया।
इस बार भारत ने शानदार खेल दिखाते हुए कुल 39 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत की इस सफलता में मुक्केबाजी (Boxing) का सबसे बड़ा योगदान रहा, जहाँ खिलाड़ियों ने अकेले 7 स्वर्ण पदक जीते हैं।

राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games): सामान्य परिचय
राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games), जिन्हें ‘फ्रेंडली गेम्स’ के नाम से भी जाना जाता है, ओलंपिक के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बहु-खेल आयोजन माना जाता है। यह खेल हर 4 साल में आयोजित किए जाते हैं और इसमें वे देश और क्षेत्र हिस्सा लेते है, जो कभी ब्रिटिश साम्राज्य का अधीन रहे थे, हालांकि वर्तमान में कुछ ऐसे देश भी इसके सदस्य है, जिनका कोई ब्रिटिश औपनिवेशिक इतिहास नहीं रहा है (जैसे मोजांबिक और रवांडा)। इन खेलों का मुख्य उद्देश्य मानवता, समानता और नियति (Humanity, Equality, Destiny) के मूल्यों को बढ़ावा देना है।
राष्ट्रमंडल खेलों का इतिहास और नाम परिवर्तन
राष्टमंडल खेल की शुरूआत और विकास – इन खेलों की शुरुआत का विचार सबसे पहले 1891 में एस्ले कूपर ने दिया था, लेकिन वास्तविक रूप में इसकी नींव कनाडा के बॉबी रॉबिन्सन ने रखी।
- प्रथम आयोजन: पहला आधिकारिक आयोजन 1930 में हैमिल्टन, कनाडा में हुआ। इसमें 11 देशों के 400 एथलीटों ने हिस्सा लिया था।
- द्वितीय विश्व युद्ध का प्रभाव: 1942 और 1946 में युद्ध के कारण इन खेलों का आयोजन नहीं हो सका।
- नामों का विकास: इन खेलों की समय के साथ इसके नामों में कई बदलाव हुए:-
- 1930-1950: ब्रिटिश एंपायर गेम्स।
- 1954-1966: ब्रिटिश एंपायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स।
- 1970-1974: ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स।
- 1978 से वर्तमान: राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games)
राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (CGF) और इसके सिद्धांत
इन खेलों का संचालन राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (CGF) द्वारा किया जाता है।
- मुख्यालय: राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (CGF) का मुख्यालय लंदन, यूनाइटेड किंगडम में है।
- राष्ट्रमंडल दिवस: हर साल 24 मई को मनाया जाता है।
- स्थापना: 1931/1932
- तीन मुख्य सिद्धांत: राष्ट्रमंडल खेल तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित है- मानवता (Humanity), समानता (Equality) और नियति (Destiny)
- विशेषता (पैरा गेम्स): राष्ट्रमंडल खेलों की एक अनूठी पहचान यह है कि 2002 (मैनचेस्टर) से इसमें पैरा-गेम्स को मुख्य खेलों के साथ ही एकीकृत (Integrate) कर दिया गया है।
- सदस्य: राष्ट्रमंडल में 56 देश है, लेकिन खेलों में 74 टीमें (क्षेत्रों सहित) हिस्सा लेती है।
भारत का राष्ट्रमंडल खेलों में सफर (1934 – वर्तमान)
भारत का ऐतिहासिक सफर – भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों में अपनी एक बहुत ही मजबूत और गौरवशाली छवि बनाई है।
- शुरुआत: भारत ने पहली बार 1934 के लंदन खेलों (दूसरे संस्करण) में हिस्सा लिया।
- पहला पदक: रशीद अनवर ने 1934 में कुश्ती (Wrestling) में भारत को पहला कांस्य पदक दिलाया।
- पहला स्वर्ण पदक: ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह ने 1958 के कार्डिफ खेलों में 440 गज की दौड़ में गोल्ड जीतकर इतिहास रचा।
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन: 2010 में नई दिल्ली में आयोजित खेलों में भारत ने 101 पदक जीतकर तालिका में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।
- पदक तालिका में भारत का स्थान: भारत अब तक कुल 500 से अधिक पदक जीत चुका है।
- मेजबानी: भारत ने 2010 (19वां संस्करण) में नई दिल्ली में इन खेलों की सफल मेजबानी की, जहाँ भारत ने रिकॉर्ड 101 पदक जीते थे।
बर्मिंघम 2022: भारत की ऐतिहासिक सफलता
वर्ष 2022 के राष्ट्रमंडल खेल बर्मिंघम, इंग्लैंड में आयोजित किए गए। यह खेलों का 22वां संस्करण था।
बर्मिंघम 2022 के मुख्य तथ्य
| विशेष तथ्य | विवरण |
|---|---|
| संस्करण | 22वां संस्करण |
| अवधि | 28 जुलाई से 8 अगस्त 2022 |
| मेजबान देश | बर्मिंघम, इंग्लैंड |
| शुभंकर (Mascot) | पेरी द बुल (Peery the Bull) |
| मोटो (Motto) | ‘Sports is just a beginning’ |
| उद्घाटनकर्ता | किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) |
| उद्घाटन स्थल | ओवो हाइड्रो (OVO Hydro) इंडोर एरीना |
| कुल टीमें/देश | 72 देश |
| भारतीय दल की सदस्य संख्या | 210 एथलीट (16 खेलों में) |
| उद्घाटन समारोह ध्वजवाहक | पीवी सिंधु (बैडमिंटन), मनप्रीत सिंह (पुरुष हॉकी) |
| समापन समारोह ध्वजवाहक | निकहत ज़रीन (मुक्केबाजी), अचंता शरद कमल (टेबल टेनिस) |
| भारत का प्रदर्शन | 61 पदक (22 स्वर्ण, 16 रजत, 23 कांस्य) – चौथा स्थान |
पदक तालिका और भारत का प्रदर्शन
भारत ने कुल 61 पदक जीतकर तालिका में चौथा स्थान हासिल किया
| देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक |
|---|---|---|---|---|
| 1. ऑस्ट्रेलिया | 67 | 57 | 54 | 178 |
| 2. इंग्लैंड | 56 | 64 | 53 | 173 |
| 3. कनाडा | 26 | 32 | 34 | 92 |
| 4. भारत | 22 | 16 | 23 | 61 |
भारत के प्रमुख स्वर्ण पदक विजेता
| एथलीट | खेल | श्रेणी/विशेष |
|---|---|---|
| मीराबाई चानू | वेटलिफ्टिंग (49kg) | भारत का पहला गोल्ड |
| निकहत ज़रीन | मुक्केबाजी | 50kg श्रेणी |
| अचंता शरद कमल | टेबल टेनिस | सर्वाधिक 3 गोल्ड मेडल |
| सुधीर | पैरा-पावरलिफ्टिंग | इस खेल में भारत का पहला गोल्ड |
| एल्डोस पॉल | एथलेटिक्स | ट्रिपल जंप में ऐतिहासिक स्वर्ण |
| महिला टीम | लॉन बॉल्स | इस खेल में भारत का पहला पदक (गोल्ड) |
- लॉन बॉल्स महिला टीम: लवली चौबे, रूपा रानी तिर्की, पिंकी और नयनमोनी सैकिया ने ऐतिहासिक स्वर्ण जीता।
- कुश्ती: भारत को सर्वाधिक पदक कुश्ती में मिले (12 पदक), जिसमें 6 गोल्ड थे।
ग्लासगो 2026: नया और छोटा स्वरूप (GLASGOW CWG 2026 Light)
राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Glasgow CWG 2026) – राष्ट्रमंडल खेलों के 23वें संस्करण (2026) की मेजबानी विक्टोरिया, ऑस्ट्रेलिया को सौंपी गई थी, लेकिन भारी वित्तीय खर्च (लगभग 6-7 बिलियन डॉलर) के कारण उसने मेज़बानी नहीं की। इसके बाद ग्लासगो, स्कॉटलैंड ने कम समय और सीमित बजट में खेलों को आयोजित करने की जिम्मेदारी ली।
इसी कारणवश कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट, निशानेबाजी, स्क्वैश और टेबल टेनिस जैसे कई लोकप्रिय खेलों को संस्करण से बाहर कर दिया गया। हालाँकि, 60 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद ऐतिहासिक ‘कॉमनवेल्थ माइल रेस’ ट्रैक इवेंट की वापसी हुई।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 (CWG 2026 Quick Facts)
| विशेष तथ्य | विवरण |
|---|---|
| संस्करण | 23वां संस्करण |
| आयोजन अवधि | 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 |
| मेजबान देश | ग्लासगो, स्कॉटलैंड (Glasgow, Scotland) |
| शुभंकर (Mascot) | फिनी द यूनिकॉर्न (Finny the Unicorn – स्कॉटलैंड का राष्ट्रीय पशु) |
| मोटो (Motto) | “Games for Everyone” (सभी के लिए खेल) |
| उद्घाटनकर्ता | किंग चार्ल्स तृतीय (King Charles III) |
| उद्घाटन स्थल | ओवो हाइड्रो (OVO Hydro) इंडोर एरीना |
| कुल टीमें/देश | 74 देश |
| भारतीय दल की सदस्य संख्या | 122 एथलीट (10 खेलों में) |
| उद्घाटन समारोह ध्वजवाहक | मीराबाई चानू (भारोत्तोलन) |
| उद्घाटन समारोह मशाल/बैटन वाहक | लवलीना बोरगोहन (मुक्केबाजी) |
| समापन समारोह ध्वजवाहक | जैसमीन लंबोरिया (मुक्केबाजी) |
अंतिम पदक तालिका (Medal Tally – Top 5)
रैंकिंग का निर्धारण कुल पदकों के बजाय सबसे अधिक स्वर्ण पदक (Gold Medals) जीतने के आधार पर होता है:-
| रैंक | देश | स्वर्ण | रजत | कांस्य | कुल पदक |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | ऑस्ट्रेलिया | 70 | 45 | 56 | 171 |
| 2 | इंग्लैंड | 29 | 45 | 36 | 110 |
| 3 | कनाडा | 19 | – | – | 62 |
| 4 | भारत | 13 | 17 | 9 | 39 |
| 5 | स्कॉटलैंड | 13 | – | – | 39 |
सिल्वर मेडल का खेल: भारत और स्कॉटलैंड दोनों के पास 13-13 स्वर्ण पदक और कुल 39 पदक थे, लेकिन भारत के पास अधिक रजत पदक (17) होने के कारण भारत को तालिका में चौथा स्थान मिला।
भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन: विशेष उपलब्धियां
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में कुश्ती (Wrestling) और निशानेबाजी (Shooting) जैसे भारत के मजबूत खेलों के न होने के बावजूद भारतीय एथलीटों ने पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया है? स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित इन 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय दल ने शानदार जज्बा दिखाया और कुल 39 पदक अपने नाम किए
इस बार भारत की सबसे बड़ी ताकत हमारी महिला खिलाड़ी (Golden Girls) रहीं। भारत को मिले 13 स्वर्ण पदकों में से 8 स्वर्ण पदक अकेले महिला एथलीटों ने जीते। भारत के सभी 13 स्वर्ण पदक केवल 4 प्रमुख खेलों से आए –
भारत के सभी स्वर्ण पदक विजेताओं की सूची (13 Gold Medals)
| खिलाड़ी का नाम | खेल | श्रेणी | विशेष विवरण |
|---|---|---|---|
| मीराबाई चानू | भारोत्तोलन | 48 किग्रा | भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलाया। इसके साथ ही उन्होंने खेलों में स्वर्ण की हैट्रिक (2018, 2022, 2026) पूरी की। |
| अस्मिता डे | जूडो | 48 किग्रा | फाइनल में कनाडा की खिलाड़ी को हराकर राष्ट्रमंडल इतिहास में जूडो के अंतर्गत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। |
| हर्ष सिंह | जूडो | 60 किग्रा | जूडो इतिहास में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले पुरुष खिलाड़ी बने। |
| शर्मिला धनकड़ | पैरा-एथलेटिक्स | शॉटपुट (F-57) | पैरा-एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला खिलाड़ी बनीं और 20 साल का सूखा खत्म किया। |
| दिलीप महादू गावित | पैरा-एथलेटिक्स | 100 मीटर रेस (T-47) | मात्र 10.71 सेकंड में दौड़ पूरी कर नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। |
| सोमन राणा | पैरा-एथलेटिक्स | शॉटपुट (F-57) | पुरुष शॉटपुट श्रेणी में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। |
| प्रीति पवार | मुक्केबाजी | 54 किग्रा | शानदार खेल दिखाते हुए मुक्केबाजी में स्वर्ण जीता। |
| जैसमीन लंबोरिया | मुक्केबाजी | 57 किग्रा | मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीता। वे समापन समारोह की ध्वजवाहक भी रही। |
| साक्षी चौधरी | मुक्केबाजी | 51 किग्रा | मुक्केबाजी प्रतियोगिता में भारत के लिए स्वर्ण। |
| प्रिया घनगस | मुक्केबाजी | 60 किग्रा | मुक्केबाजी में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। |
| अरुंधति चौधरी | मुक्केबाजी | 70 किग्रा | मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीता (कोटा, राजस्थान की रहने वाली है)। |
| सचिन सिवाच | मुक्केबाजी | 60 किग्रा | पुरुष मुक्केबाजी वर्ग में देश को स्वर्ण पदक दिलाया। |
| अंकुश पंगाल | मुक्केबाजी | 80 किग्रा | मुक्केबाजी में भारत का सातवां और अंतिम स्वर्ण पदक जीता। |
कुछ अन्य महत्वपूर्ण पदक और रिकॉर्ड्स (Silver & Bronze Highlights)
- नीरज चोपड़ा (जैवलिन थ्रो – रजत): भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा में 85.83 मीटर के थ्रो के साथ रजत पदक (Silver Medal) हासिल किया।
- गुलवीर सिंह (एथलेटिक्स – रजत व कांस्य): उत्तर प्रदेश के रहने वाले गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर दौड़ में रजत और 5,000 मीटर में कांस्य पदक जीता। वे एक ही राष्ट्रमंडल खेलों के संस्करण में एथलेटिक्स में दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
- तेजस्वीन शंकर (डेकाथलॉन – कांस्य): एथलेटिक्स के सबसे कठिन इवेंट डेकाथलॉन में देश के लिए पहला ऐतिहासिक कांस्य पदक जीतकर उन्होंने नया कीर्तिमान रचा।
- झंडू कुमार (पैरा पावरलिफ्टिंग – कांस्य): बिहार के नालंदा के रहने वाले झंडू कुमार ने मेंस हैवीवेट वर्ग में देश के लिए पहला पदक (कांस्य) जीतकर भारत का खाता खोला था।
- ऋषिकांत सिंह चंदबाम (वेटलिफ्टिंग – रजत): इन्होंने पुरुषों की 60 किग्रा भारोत्तोलन स्पर्धा में रजत पदक जीता और 2026 खेलों में पदक जीतने वाले पहले बिना किसी दिव्यांगता (Able-bodied) वाले भारतीय बने।
- लवप्रीत सिंह (वेटलिफ्टिंग – रजत): पुरुषों के 110 किग्रा वर्ग में लवप्रीत सिंह कुल 388 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक के हकदार बने और वे केवल 1 किग्रा के अंतर से स्वर्ण पदक से चूक गए।
CWG 2026 के बड़े बदलाव (भारत के लिए चुनौती)
आर्थिक दबाव को कम करने के लिए ग्लासगो ने ‘कॉमनवेल्थ लाइट’ मॉडल अपनाया है।
- खेलों की कटौती: खेलों की संख्या 19 (बर्मिंघम) से घटाकर मात्र 10 कर दी गई है।
- हटाए गए प्रमुख खेल: कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी, क्रिकेट, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे खेलों को बाहर कर दिया गया है।
- भारत पर प्रभाव: भारत अपने कुल पदकों का लगभग 50% हिस्सा इन्हीं हटाए गए खेलों से जीतता था। कुश्ती में तो भारत ने पिछली बार 12 पदक जीते थे।
- शुभंकर: 2026 खेलों का शुभंकर ‘फिनी’ (Finni) है, जो एक यूनिकॉर्न है।
राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का इतिहास
- भारत का पदार्पण: भारत ने पहली बार 1934 के लंदन खेलों (दूसरे संस्करण) में हिस्सा लिया था।
- पहला पदक (भारत): कुश्ती खिलाड़ी राशिद अनवर ने 1934 के खेलों में भारत के लिए पहला पदक (कांस्य) जीता था।
- पहला स्वर्ण (भारत): महान धावक ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह ने 1958 के कार्डिफ खेलों में 440 गज की दौड़ में देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया।
- पहली महिला स्वर्ण विजेता (भारत): रूपा उन्नीकृष्णन ने 1998 के कुआलालंपुर खेलों में 50 मीटर राइफल प्रोन (निशानेबाजी) स्पर्धा में भारत के लिए पहला महिला स्वर्ण जीता था।
- सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन (भारत): भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2010 दिल्ली खेलों में रहा था, जहाँ भारत 101 पदकों (38 स्वर्ण सहित) के साथ पदक तालिका में दूसरे स्थान पर रहा था।
नया संस्करण – अहमदाबाद 2030 और 2036 ओलंपिक
आगामी राष्ट्रमंडल खेल 2030 (अहमदाबाद, भारत) (24वां संस्करण) – 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए अहमदाबाद (गुजरात) का नाम शामिल किया गया है।
- शताब्दी समारोह: 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों के 100 साल पूरे होंगे, यह राष्ट्रमंडल खेलों का शताब्दी संस्करण (Centenary Edition) होगा। जिससे भारत में होने वाला यह आयोजन ऐतिहासिक होगा।
- ओलंपिक की दावेदारी: 2030 के सफल आयोजन को भारत के 2036 ओलंपिक की मेज़बानी के सपने के लिए एक ‘मील का पत्थर’ माना जा रहा है।
- बुनियादी ढांचा: इसके लिए अहमदाबाद में नारायणपुरा स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नरेंद्र मोदी स्टेडियम जैसे आधुनिक स्थलों का उपयोग किया जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
उत्तर: प्रथम राष्ट्रमंडल खेल 1930 में हेमिल्टन, कनाडा में आयोजित किए गए थे।
उत्तर: क्रिकेट को 1998 और 2022 में शामिल किया गया था, लेकिन 2026 के ग्लासगो खेलों से इसे हटा दिया गया है।
उत्तर: भारत ने वर्ष 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी।
उत्तर: मिल्खा सिंह ने 1958 के कार्डिफ खेलों में एथलेटिक्स (दौड़) में भारत के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था।
उत्तर: राष्ट्रमंडल खेल 2026 का आयोजन 23 जुलाई से 2 अगस्त 2026 तक ग्लासगो, स्कॉटलैंड में किया गया था।
उत्तर: भारत पदक तालिका में 4थे स्थान पर रहा। भारत ने कुल 39 पदक जीते, जिसमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य पदक शामिल है।
उत्तर: भारत के लिए पहला पदक पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने मेंस हैवीवेट वर्ग में कांस्य पदक के रूप में जीता था।
उत्तर: वर्ष 2030 के आगामी राष्ट्रमंडल खेलों (शताब्दी संस्करण) की मेजबानी भारत का अहमदाबाद शहर करेगा।
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