Q. वन विज्ञान केंद्र की स्थापना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
[A] वन्यजीवों का संरक्षण
[B] वन संसाधनों और जैव विविधता का संरक्षण
[C] अवैध कटाई को रोकना
[D] बाघों की संख्या बढ़ाना
[B] वन संसाधनों और जैव विविधता का संरक्षण – इसका उद्देश्य वन संसाधनों और जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ वनों से जुड़े अध्ययन और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।
Q. वन विज्ञान केंद्र का प्रबंधन (Management) कौन देखेगा?
[A] वन मंत्री
[B] चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, जगदलपुर
[C] बस्तर डिवीजन कमिश्नर
[D] वन विभाग, रायपुर
[B] चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, जगदलपुर – वन विज्ञान केंद्र का प्रबंधन चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, जगदलपुर द्वारा आठ सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स की टीम के साथ देखा जाएगा।
Q. सुप्रीम कोर्ट में दर्ज रिकॉर्ड के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कुल कितनी आर्द्रभूमियाँ (वेटलैंड्स) है?
[A] 10,000 से कम
[B] 11,264
[C] 9,000
[D] 16,000
[B] 11,264 – छत्तीसगढ़ में 11,264 आर्द्रभूमि (वेटलैंड्स) है, जिनका रिकॉर्ड सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया है।
Q. राज्य में पिछले 5 वर्षों में कितनी आर्द्रभूमियाँ (वेटलैंड्स) गायब हो गई है?
[A] 100
[B] 168
[C] 200
[D] 50
[B] 168 – राज्य में पिछले 5 साल में 168 आर्द्रभूमि (वेटलैंड) गायब हो गई है।
Q. छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा आर्द्रभूमि (वेटलैंड) कौन सा है?
[A] तांदुला वेटलैंड
[B] रविशंकर गंगरेल बांध वेटलैंड
[C] मिनी माता हसदेव बांगो वेटलैंड
[D] दुधावा वेटलैंड
[C] मिनी माता हसदेव बांगो वेटलैंड – कोरबा का मिनी माता हसदेव बांगो वेटलैंड राज्य का सबसे बड़ा आर्द्रभूमि है, जिसका क्षेत्रफल 16,000 हेक्टेयर से अधिक है।
Q. राज्य का तीसरा सबसे बड़ा वेटलैंड तांदुला वेटलैंड किस जिले में स्थित है?
[A] धमतरी
[B] बालोद
[C] कोरबा
[D] दुर्ग
[B] बालोद – बालोद जिला का तांदुला वेटलैंड्स (क्षेत्रफल 4000 हेक्टेयर) राज्य का तीसरा सबसे बड़ा वेटलैंड है।
Q. छत्तीसगढ़ में पहली बार दुर्लभ प्रजाति का ‘सियाना मलेंसिस’ पतंगा किस जिले में देखा गया है?
[A] बस्तर
[B] कोरिया
[C] रायगढ़
[D] दंतेवाड़ा
[B] कोरिया – यह दुर्लभ प्रजाति का पतंगा (जिसे मलेशियाई सियाना पतंगा भी कहा जाता है) कोरिया जिले में देखा गया है।
Q. कोरिया जिले में देखा गया दुर्लभ पक्षी ‘श्वेत उद्दीन डोंगो’ किन क्षेत्रों में पाया जाता है?
[A] अफ्रीका
[B] ऑस्ट्रेलिया
[C] हिमालय की तलहटी और दक्षिण भारत
[D] चीन
[C] हिमालय की तलहटी और दक्षिण भारत – यह प्रवासी पक्षी आमतौर पर हिमालय की तलहटी और दक्षिण भारत में पाया जाता है।
Q. छत्तीसगढ़ में पहली बार विदेशी पक्षी ‘मलाड’ (Mallard) किस पक्षी विहार में देखा गया है?
[A] गिदवा परसदा पक्षी विहार, बेमेतरा
[B] सिरपुर पक्षी विहार
[C] बारनवापारा
[D] इंद्रावती नेशनल पार्क
[A] गिदवा परसदा पक्षी विहार, बेमेतरा – विदेशी पक्षी मलाड (बतख प्रजाति का) गिदवा परसदा पक्षी विहार (बेमेतरा जिला) में देखा गया है।
Q. हाथी ट्रैकिंग के लिए विकसित ‘गज संकेत’ ऐप वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के कितने वन मंडलों में लागू है?
[A] 8
[B] 14
[C] 33
[D] 52
[B] 14 – हाथियों की रियल टाइम ट्रैकिंग के लिए विकसित गज संकेत ऐप वर्तमान में 14 वन मंडलों में लागू है और यह कम नेटवर्क वाले क्षेत्रों में भी काम करता है।
Q. देश का पहला ग्रामीण कचरा कैफे छत्तीसगढ़ के किस ग्राम पंचायत में शुरू किया जाएगा?
[A] अंबिकापुर नगर निगम
[B] रोपाखार ग्राम पंचायत (मैनपाट)
[C] जगदलपुर
[D] रायपुर
[B] रोपाखार ग्राम पंचायत (मैनपाट) – देश का पहला ग्रामीण कचरा कैफे रोपाखार ग्राम पंचायत (मैनपाट जनपद पंचायत के अंदर) में शुरू किया जाएगा।
Q. रोपाखार गार्बेज कैफे में 1 किलो प्लास्टिक देने पर क्या मिलता है?
[A] नाश्ता
[B] दोपहर या रात का भोजन
[C] ₹10
[D] कोल्ड ड्रिंक
[B] दोपहर या रात का भोजन – गार्बेज कैफे में 1 किलो प्लास्टिक देने पर दोपहर या रात का भोजन मिलता है।
Q. गार्बेज कैफे योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
[A] रोजगार सृजन
[B] शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाना
[C] स्थानीय भोजन को बढ़ावा देना
[D] गरीबों को मुफ्त खाना
[B] शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाना – गार्बेज कैफे का मुख्य उद्देश्य शहर को प्लास्टिक मुक्त बनाना और स्वच्छता, पुनर्चक्रण तथा सामाजिक संवेदना को बढ़ावा देना है।
Q. मन की बात कार्यक्रम के 127वें संस्करण में प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ के किस शहर की पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की?
[A] रोपाखार (मैनपाट)
[B] अंबिकापुर
[C] रायपुर
[D] बिलासपुर
[B] अंबिकापुर – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम के 127वें संस्करण में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के गार्बेज कैफे की सराहना की।
Q. चित्रकूट जलप्रपात को किस उपनाम से जाना जाता है?
[A] छत्तीसगढ़ का झरना
[B] भारत का नियाग्रा
[C] नियाग्रा ऑफ बस्तर
[D] महानदी का झरना
[B] भारत का नियाग्रा – चित्रकूट जलप्रपात को भारत का नियाग्रा बोला जाता है क्योंकि यह भारत का सबसे चौड़ा वॉटरफॉल माना जाता है, जिसकी चौड़ाई लगभग 300 फीट है।

