Q. दलहन (Pulses) के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने कौन सा मिशन लॉन्च किया है, जो ‘धान धान्य योजना’ के साथ जुड़ा है?
[A] कृषि उन्नति मिशन
[B] दलहन आत्मनिर्भर मिशन
[C] पोषण दाल मिशन
[D] कृषक समृद्धि योजना
[B] दलहन आत्मनिर्भर मिशन – दालों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए दलहन आत्मनिर्भर मिशन लॉन्च किया गया है।
Q. ‘प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना’ के तहत छत्तीसगढ़ के किन तीन जिलों को शामिल किया गया है?
[A] रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर
[B] जशपुर, कोरबा, दंतेवाड़ा
[C] बस्तर, कोंडागांव, नारायणपुर
[D] राजनांदगांव, धमतरी, बालोद
[B] जशपुर, कोरबा, दंतेवाड़ा – इस योजना में छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा, और दंतेवाड़ा जिले शामिल है।
Q. प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना की घोषणा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में किसके द्वारा की गई?
[A] राज्यपाल
[B] मुख्यमंत्री
[C] प्रधानमंत्री (वर्चुअली)
[D] कृषि मंत्री
[C] प्रधानमंत्री (वर्चुअली) – इन तीन जिलों को शामिल करने की घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा इंदिरा गांधी एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी रायपुर में एक वर्चुअल कार्यक्रम के दौरान की गई।
Q. वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में कुल फसल क्षेत्रफल (Total Crop Area) कितना हो गया है?
[A] 54.08 लाख हेक्टेयर
[B] 48.65 लाख हेक्टेयर
[C] 67.27 लाख हेक्टेयर
[D] 39.81 लाख हेक्टेयर
[C] 67.27 लाख हेक्टेयर – वर्ष 2000 में यह 54.08 लाख हेक्टेयर था, जो वर्तमान में (2025 में) बढ़कर 67.27 लाख हेक्टेयर हो गया है।
Q. वर्ष 2000 में खरीफ फसलों की औसत उत्पादकता कितनी थी?
[A] 625 किग्रा/हेक्टेयर
[B] 867 किग्रा/हेक्टेयर
[C] 1490 किग्रा/हेक्टेयर
[D] 2657 किग्रा/हेक्टेयर
[B] 867 किग्रा/हेक्टेयर – वर्ष 2000 में खरीफ फसलों की औसत उत्पादकता 867 किग्रा/हेक्टेयर थी।
Q. वर्ष 2025 में खरीफ फसलों की औसत उत्पादकता बढ़कर कितनी हो गई है?
[A] 867 किग्रा/हेक्टेयर
[B] 1490 किग्रा/हेक्टेयर
[C] 2657 किग्रा/हेक्टेयर
[D] 3981 किग्रा/हेक्टेयर
[C] 2657 किग्रा/हेक्टेयर – वर्ष 2000 में 867 किग्रा/हेक्टेयर से बढ़कर यह 2657 किग्रा/हेक्टेयर पहुंच गई है।
Q. वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में फसल सघनता (Crop Intensity) कितनी हो गई है?
[A] 112%
[B] 125%
[C] 138%
[D] 150%
[C] 138% – वर्ष 2000 में फसल सघनता 112% थी, जो 2025 में बढ़कर 138% हो गई है।
Q. वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कृषि से जुड़े कुल किसान परिवारों की संख्या कितनी है?
[A] 32.55 लाख
[B] 40.11 लाख
[C] 24.34 लाख
[D] 6.97 लाख
[B] 40.11 लाख – वर्तमान में 40.11 लाख किसान परिवार कृषि से जुड़े हुए है, जबकि वर्ष 2000 में यह संख्या 32.55 लाख थी।
Q. वर्तमान में छत्तीसगढ़ में सीमांत किसान परिवारों की संख्या कितनी है?
[A] 8.80 लाख
[B] 6.97 लाख
[C] 24.34 लाख
[D] 15.00 लाख
[C] 24.34 लाख
Q. वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशालाओं (Fertilizer Quality Labs) की संख्या कितनी है?
[A] 1
[B] 8
[C] 36
[D] 29
[B] 8 – वर्ष 2000 में यह 1 थी, जो अब बढ़कर 8 हो गई है।
Q. वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं (Soil Testing Labs) की संख्या कितनी हो गई है?
[A] 8
[B] 12
[C] 36
[D] 40
[C] 36 – वर्ष 2000 में यह 1 थी, जो अब बढ़कर 36 हो गई है।
Q. रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए कौन सी योजना चलाई जा रही है?
[A] परंपरागत कृषि विकास योजना
[B] पीएम प्रणाम कार्यक्रम
[C] धान धान्य योजना
[D] कृषक जीवन ज्योति योजना
[A] परंपरागत कृषि विकास योजना – रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने के लिए परंपरागत कृषि विकास योजना चलाई जा रही है।
Q. कृषि में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करने के लिए कौन सा कार्यक्रम संचालित है?
[A] किसान सम्मान निधि
[B] पीएम प्रणाम कार्यक्रम
[C] परंपरागत कृषि विकास योजना
[D] कृषि समृद्धि योजना
[B] पीएम प्रणाम कार्यक्रम – कृषि में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग को कम करने के लिए पीएम प्रणाम कार्यक्रम संचालित है।
Q. ‘ड्रोन दीदी अभियान’ किस उद्देश्य से चलाया जा रहा है?
[A] महिला स्वयं सहायता समूह को ऋण देना
[B] किसानों को सिंचाई सुविधा
[C] उर्वरक और कीटनाशकों का कुशल उपयोग
[D] फसल क्षति की प्रतिपूर्ति करना
[C] उर्वरक और कीटनाशकों का कुशल उपयोग – ड्रोन दीदी अभियान महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उर्वरक की कमी दूर करने हेतु चलाया जा रहा है। यह योजना कृषि में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देती है, जैसे कि ड्रोन के माध्यम से सटीक छिड़काव, उर्वरक और कीटनाशकों का कुशल उपयोग है।
Q. प्रदेश का पहला ‘वन विज्ञान केंद्र’ (Forest Science Center) कहाँ स्थापित होने जा रहा है?
[A] जगदलपुर, बस्तर (आसना पार्क)
[B] बारनवापारा, महासमुंद
[C] पेंड्रा मरवाही
[D] कांकेर, मानझिनगढ़
[A] जगदलपुर, बस्तर (आसना पार्क) – छत्तीसगढ़ का पहला वन विज्ञान केंद्र आसना पार्क, बस्तर में खोला जा रहा है। यह पूरे देश में बनाए जा रहे छह पायलट सेंटर्स में से एक है।

