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अम्ल, क्षार एवं लवण (Acid Base and Salt)- pH Scale Definition

Chemistry Gk- अम्ल, क्षार एवं लवण, pH Scale Definition | Acid Base and Salt

Acids and Bases General Science रसायन शास्त्र (chemistry gk mcqs) सामान्य ज्ञान विषय के अंतर्गत आने वाले अम्ल, क्षार एवं लवण किसे कहते हैं? (acids and bases general science questions) एवं उनके उपयोग संबंधी रसायनिक नाम व सूत्र (acid, base and salt chemical name and formulas), रसायनिक समीकरण (Chemical Reactions), परिभाषा (Definition) सहित जानकारी इस प्रकार है (General Science Questions Gk in Hindi):-

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Chemistry Gk MCQs- Acid, Base and Salt General Science Gk in Hindi

अम्ल (ACID)

ऐसा यौगिक (Compound) जो जल में घुलकर हाइड्रोजन (H+) आयन देता है तथा जो किसी दूसरे पदार्थ को प्रोटाॅन प्रदान करने की क्षमता रखता है, अम्ल (Acid) कहलाता है।

अम्ल (acid) स्वाद में खट्टे होते है तथा अम्ल का जलीय विलयन नीले लिट्मपेपर (Blue litmus) को लाल कर देता है।

अम्लों का प्रयोग (Uses)

दैनिक जीवन में खाने के काम में, जैसे- अंगूर में टार्टरिक अम्ल के रूप में, नीबू एवं नारंगी में- साइट्रिक अम्ल, चीनी में- फार्मिक अम्ल, सिरका एवं अचार में- एसीटिक अम्ल, खट्टे दूध में- लैक्टिक अम्ल, सेब में- मैलिक अम्ल, सोडावाटर एवं अन्य पेय पदार्थो में- कार्बनिक अम्ल के रूप में पाया जाता है।

ऑक्जैलिक अम्ल का प्रयोग कपड़े से जंग के धब्बे हटाने में तथा फोटोग्राफी में किया जाता है।

H2SO4 एवं  HNO3का प्रयोग विस्फोटकों, उर्वरकों, दवाओं को बनाने तथा लोहे को साफ करने में आदि में होता है।

सोना एवं चाँदी के शुद्धीकरण में नाइट्रिक अम्ल का प्रयोग किया जाता है।

खाना पचाने में HCL अम्ल का प्रयोग होता है। acid base and salt

भस्म (BASE)

भस्म किसे कहते है ऐसा यौगिक (Compound) जो अम्ल से प्रतिक्रिया कर लवण एवं जल देता हो, जिसमें प्रोटाॅन ग्रहण करने की प्रवृत्ति हो एवं जल में घुलने से हाइड्राॅक्सिल आयन (OH-) देता हो, भस्म (Bases) कहलाता है।

यह भस्म (bases) स्वाद में कड़वा होता है तथा यह लाल लिट्मस को नीला कर देता है।

भस्मों का उपयोग (Uses)

दैनिक जीवन में कैल्शियम हाइड्राक्साइड [Ca(OH)2] का इस्तेमाल घरों में चूना पोतने में, गारा एवं प्लास्टर बनाने में, मिट्टी की अम्लीयता दूर करने में, ब्लीचिंग पाउण्डर बनाने में, जल को मृदु बनाने में तथा जलने पर मरहम-पट्टी करने में किया जाता है।

कास्टिक सोडा (NaOH) का साबुन बनाने, पेट्रोलियम साफ करने, कपड़ा एवं कागज बनाने आदि में किया जाता है।

खाली चूना (CaO) का मकान बनाने  में गारा के रूप में, शीशा तथा ब्लीचिंग पाउडर बनाने में किया जाता है।

पेट की अम्लीयता को दूर करने में मिल्क ऑफ मैग्नेशिया या मैग्नेशियम हाइड्राॅक्साइड Mg(OH)2 का प्रयोग होता है।

लवण (SALT)

लवण (Salt) वह यौगिक है, जो अम्ल के एक या अधिक हाइड्रोजन परमाणु का क्षार के एक या अधिक धनायन से प्रति स्थापित करने से बनता है अर्थात अम्ल एवं भस्म की प्रतिक्रिया के फलस्वरूप लवण (salt) बनता है। इसमें लवण के अलावा जल का भी निर्माण होता है।

लवणों का उपयोग (Uses)

खाने का सोडा या बेकिंग सोडा या सोडियम बाईकार्बोरेट (NaHCO3) का बेकिंग पाउण्डर के रूप में, पेट की अम्लीयता को दूर करने में एवं अग्निनाशक यंत्रों में उपयोग होता है।

साधारण नमक अर्थात् सोडियम क्लोराइड (NaCl) का खाने में, अचार के परिरक्षण तथा मांस एवं मछली के संरक्षण (Preservation) में उपयोग किया जाता है।

कास्टिक सोडा या सोडियम हाइड्रोक्साइड (NaOH) का अपमार्जक का चूर्ण बनाने में उपयोग होता है।

धोवन सोडा या सोडियम कार्बोनेट (Na2CO3) का उपयोग कपड़े धोने में होता है।

पोटेशियम नाइट्रेट या शोरा (KNO3) का बारूद बनाने में एवं उर्वरक के रूप में उपयोग होता है। पोटेशियम नाइट्रेट को साल्टपीटर (Saltpeter) भी कहते है।

काॅपर सल्फेट का उपयोग विद्युत लेपन में एवं रंगाई व छपाई में होता है।

pH Scale (पी.एच. स्केल)

किसी विलियन की अम्लीयता या क्षरीयता को व्यक्त करने के लिये pH मापदण्ड या pH स्केल का उपयोग किया जाता है। किसी विलियन में हाइड्रोजन आयानों का सांद्रण के व्युत्क्रम के लघुगणक को उस विलयन का (पी.एच. मान) pH Value कहते है।

किसी विलियन का pH मान 7 से कम होने पर विलयन अम्लीय होता है तथा pH का मान 7 से अधिक होने पर क्षारीय होता है।

जब बारिश के जल का (पी.एच) pH मान 5.6 से कम हो जाता है तो वह अम्लीय वर्षा (Acid Rain) कहलाती है।

अम्लराज (Aqua Regia)

अम्लराज किसे कहते हैं सान्द्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल तथा सान्द्र नाइट्रिक अम्ल को 3:1 के अनुपात में मिश्रित करने पर अम्लराज (Aqua Regia) का निर्माण होता है। इसमें सोना एवं प्लेटिनम जैसी- उत्कृष्ट धातुएँ घुल जाती है।

रासायनिक सूत्र (Chemical Formula)– HNO3 + 3HCl

सल्फ्यूरिक अम्ल के उपयोग (Uses) 

सल्फ्यूरिक अम्ल का मुख्य भाग उर्वरकों (जैसे- अमोनिया सल्फेट, सुपर फास्फेट आदि) के संश्लेषण में प्रयुक्त होता है।

संचालक बैटरी में वृदह स्तर पर 

डिटर्जेन्ट उद्योग में 

सल्फ्यूरिक अम्ल (H2SO4) कोOIL OF VITRIOL भी कहा जाता है। 

कुछ पदार्थ एवं उनके pH मान

कुछ पदार्थ का नाम एवं उनके pH मान (pH value list) निम्नानुसार है:- 

स.क्र.  प्रदार्थ का नाम  pH मान
1. शुद्ध जल 07
2. समुद्री जल 8.4
3. दूध 6.4 से 6.6
4. रक्त (मनुष्य का)  7.4
5. मनुष्य का लार  6.5

 कुछ महत्वपूर्ण बिन्दु
(Important Facts about acids and bases)

फलों के रसों को सुरक्षित रखने के लिये फार्मिक अम्ल (CH₂O₂) का प्रयोग किया जाता है।

चीटियों व मक्खियों में फार्मिक अम्ल (CH₂O₂) पाया जाता है। acid base and salt

खाद्य प्रदार्थो के संरक्षण के लिये बेन्जोइक अम्ल (C6H5 COOH) का प्रयोग किया जाता है।

क्लोरल (Chloral) की सान्द्र सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ क्रिया करने पर लिटमस पेपर को लाल कर देता है।

क्षार स्वाद में कड़वें होते हैं तथा लाल लिटमस पेपर को नीला कर देते हैं।

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2 Comments
  1. meddy says

    nice post.

  2. Akash kumar says

    Acha laga

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